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जिनका-जिनका एनपीए माफ किया, उनकी सूची जारी करें पीएम नरेंद्र मोदी: सीताराम येचुरी

सीताराम येचुरी ने कहा, "नरेंद्र मोदी असली मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रहे हैं बल्कि अन्य बातों में लगे हुए हैं। हमारी मांग है कि उन लाभार्थियों की सूची जाहिर करें जिनके बकाए कर्ज की कुल 2.40 लाख रुपए की राशि माफ कर दी गई है। हम प्रधानमंत्री से उन लोगों की सूची भी जारी करने की मांग करते हैं कि जो उनके साथ विदेश यात्रा पर गए।"

Author त्रिशूर | February 22, 2018 20:27 pm
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी। (File Photo)

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने गुरुवार को केंद्र सरकार से उन लोगों की सूची जारी करने की मांग की जिनके नहीं अदा किए गए बैंकों के कर्ज (गैर निष्पादित संपत्तियां-एनपीए) को माफ कर दिया गया है। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी सूची शीघ्र सार्वजनिक करनी चाहिए। पार्टी के 22वें प्रदेश सम्मेलन के उद्घाटन पर येचुरी ने कहा, “मोदी असली मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रहे हैं बल्कि अन्य बातों में लगे हुए हैं। हमारी मांग है कि उन लाभार्थियों की सूची जाहिर करें जिनके बकाए कर्ज की कुल 2.40 लाख रुपए की राशि माफ कर दी गई है। हम प्रधानमंत्री से उन लोगों की सूची भी जारी करने की मांग करते हैं कि जो उनके साथ विदेश यात्रा पर गए।” उन्होंने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को सत्ता से बाहर करने की जरूरत पर बताई और कहा कि अधिक से अधिक भाजपा विरोधी ताकतों को साथ लेकर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए माकपा प्रमुख ने कहा, “संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के शासन के दौरन मोदी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ‘मौनमोहन सिंह’ कहा करते थे। आज क्या हो गया है? मोदी अब मौनेंद्र मोदी बन गए हैं।” राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर हमला बोलते हुए येचुरी ने आरोप लगाया कि संघ ने लोकतांत्रिक संस्थानों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा, “हर संस्थान और राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, निर्वाचन आयोग और कुलपति समेत विभिन्न पदों पर। यहां तक कि न्यायापालिका को भी नहीं बख्शा है।” उन्होंने आरएसएस पर केरल में राजनीतिक हिंसा शुरू करवाने का आरोप लगाया और कहा कि माकपा की नीति में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।

उन्होंने कहा, “हिंसा हमारी संस्कृति नहीं है। लेकिन, जब हमारे लोगों पर हमले किए जाते हैं तो हम आत्मरक्षा के लिए खड़े होते हैं। जब भूल होती है तो हम सुधार करते हैं। केरल में अब तक हमारे 577 काडर की हत्या हो चुकी है।” उन्होंने कहा, “इस समय मोदी या राहुल गांधी को चुनने की जरूरत नहीं है, बल्कि हमें वैकल्पिक नीति का चुनाव करना है जिससे देश की प्रगति हो।” इससे पहले अनुभवी वामपंथी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन ने पार्टी का झंडा लहराकर माकपा के चार दिन के सम्मेलन की शुरुआत की।

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