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नागपुर पिच को लेकर क्रो के फैसले को व्यक्तिगत बताया मनोहर ने

बीसीसीआइ अध्यक्ष शशांक मनोहर ने बुधवार को कहा कि क्रिकेट बोर्ड नागपुर पिच को ‘खराब’ करार देने के आइसीसी के फैसले को मानेगा लेकिन साथ ही उन्होंने विकेट की प्रकृति पर टिप्पणी को आइसीसी मैच रेफरी जैफ क्रो का ‘व्यक्तिगत फैसला’ करार दिया..

Author नई दिल्ली | December 23, 2015 11:53 PM
बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर। (फाइल फोटो)

बीसीसीआइ अध्यक्ष शशांक मनोहर ने बुधवार को कहा कि क्रिकेट बोर्ड नागपुर पिच को ‘खराब’ करार देने के आइसीसी के फैसले को मानेगा लेकिन साथ ही उन्होंने विकेट की प्रकृति पर टिप्पणी को आइसीसी मैच रेफरी जैफ क्रो का ‘व्यक्तिगत फैसला’ करार दिया। नागपुर के जामथा में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 124 रन रन से हराया। यह मैच ढाई दिन में ही खत्म हो गया जिसमें रविचंद्रन अश्विन ने 12 विकेट चटकाए। आइसीसी मैच रेफरी क्रो ने नागपुर विकेट के खिलाफ रिपोर्ट की और अंतत: आइसीसी ने इसे ‘खराब’ रेटिंग दी और नागपुर को चेतावनी भी मिली।

मनोहर ने बीसीसीआइ के आधिकारिक फेसबुक पेज पर प्रशंसकों से लाइव बातचीत के दौरान कहा कि आइसीसी ने खराब पिचों को लेकर नियम बनाए हैं। इसके चार वर्ग है। बेहतरीन, अच्छा, खराब और खतरनाक विकेट। ‘खराब’ विकेट के संदर्भ में उन्होंने कहा है अत्यधिक स्विंग या अत्यधिक सीम मूवमेंट होगी तो विकेट को खराब माना जाएगा। उन्होंने कहा कि नागपुर के मामले में मैच रेफरी ने कहा कि मैच के तीसरे दिन अत्यधिक स्पिन और समान उछाल। मेरे अनुसार यह मैच रेफरी का व्यक्तिगत फैसला था। यह पर फैसला अलग हो सकता है कि विकेट पर असमान उछाल था या विकेट उम्मीद से अधिक टर्न कर रहा था।

मनोहर ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि एक स्पिनर को अन्य की तुलना में अधिक टर्न मिल रहा हो। इस चीजों को ध्यान में रखने की जरूरत है। अंतत: आइसीसी ने फैसला किया, हम इस फैसले को मानेंगे। बीसीसीआइ अध्यक्ष ने साथ ही इन आरोपों को भी खारिज किया कि आगामी विश्व टी20 के मैचों के आवंटन के दौरान उनके घरेलू केंद्र नागपुर और सचिव अनुराग ठाकुर के घरेलू केंद्र धर्मशाला को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि जब यह फैसला किया गया कि भारत आइसीसी विश्व टी20 की मेजबानी करेगा तो बीसीसीआइ ने आठ स्थल की पेशकश की थी लेकिन आइसीसी खर्चों को ध्यान में रखते हुए सिर्फ पांच स्थल चाहता था। हमारे सचिव अनुराग ठाकुर ने बारबडोस में आइसीसी की वार्षिक बैठक के दौरान आइसीसी को साफ तौर पर कहा कि भारत आठ से कम स्थल पर राजी नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि कागजों पर धर्मशाला और नागपुर अधिक मैचों की मेजबानी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इसमें क्वालीफायर भी शामिल हैं। भारत के मैच नागपुर, धर्मशाला, बंगलुरु और मोहाली में होंगे। सेमीफाइनल दिल्ली और मुंबई में और फाइनल कोलकाता में होगा। अगर हम चाहते तो धर्मशाला और नगापुर सेमीफाइनल की मेजबानी कर सकते थे। नागपुर फाइनल की मेजबानी कर सकता था क्योंकि यह 45000 दर्शकों की क्षमता के साथ देश का सर्वश्रेष्ठ स्टेडियम है। मनोहर ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान सीरीज ‘अधिक जटिल’ है जहां फैसला दो बोर्ड पर निर्भर नहीं करता।

उन्होंने कहा कि जैसा कि आपको पता है कि बीसीसीआइ और पीसीबी सीरीज खेलने के लिए राजी हैं। यह जटिल मुद्दा है और दो बोर्ड पर निर्भर नहीं करता। यह राजनीतिक फैसला है जिसे भारत और पाकिस्तान की सरकार को करना है। मुझे यकीन है कि जब स्थिति माकूल होगी तो पूर्ण सीरीज होगी। मनोहर ने कहा कि आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हाल में दिन-रात्रि टैस्ट के प्रयोग पर देखना होगा कि क्या यह टैस्ट क्रिकेट में लोगों को स्टेडियम तक ला रहा है। बीसीसीआइ अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि मौजूदा प्रारूप में डीआरएस बीसीसीआइ को स्वीकार्य नहीं है क्योंकि पगबाधा फैसले देने की प्रणाली फूलपू्रफ नहीं है।

मनोहर ने कहा कि मिट्टी की प्रकृति और मौसम के कारण पूरे भारत में तेज और उछाल भरे विकेट बनाना संभव नहीं है लेकिन वह भारतीय युवाओं को भविष्य के दौरों के लिए तैयार करने के लिए अंडर 19 और ए टीम के अधिक दौरे करवाएंगे। मनोहर ने इस दौरान ‘टाइगर’ पटौदी को अपना सर्वश्रेष्ठ भारतीय कप्तान करार दिया जबकि उनके अनुसार सर गैरी सोबर्स महानतम क्रिकेटर हैं।

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