ताज़ा खबर
 

खत्म हुई आॅटो-टैक्सी की हड़ताल

राजधानी दिल्ली में मंगलवार से जारी आॅटो और टैक्सियों की बेमियादी हड़ताल खत्म हो गई है। दिल्ली सरकार के साथ देर शाम चली आॅटो-टैक्सी संगठनों की बैठक में मांगों को मंजूरी मिलने के बाद हड़ताल वापसी का फैसला किया गया।

Author नई दिल्ली | July 29, 2016 12:50 AM
दिल्ली में चलते ऑटो।

राजधानी दिल्ली में मंगलवार से जारी आॅटो और टैक्सियों की बेमियादी हड़ताल खत्म हो गई है। दिल्ली सरकार के साथ देर शाम चली आॅटो-टैक्सी संगठनों की बैठक में मांगों को मंजूरी मिलने के बाद हड़ताल वापसी का फैसला किया गया। सरकार की तरफ से दावा किया गया कि आॅटो-टैक्सी के 17 संगठनों ने बुधवार को ही हड़ताल खत्म कर दी थी। गुरुवार को बाकी बचे संगठनों ने दिल्ली सरकार के साथ बातचीत के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली।

जिन मांगों पर सरकार की तरफ से मुहर लगी हैं, वे हैं, दूसरे राज्यों से पंजीकृत गाड़ियां अगर दिल्ली में आॅटो या टैक्सी के रूप में चलती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में चालान और गाड़ियों को जब्त करना दोनों शामिल है। इसके अलावा ‘डीएल 1 आरटी’ की गाड़ियां अपने मीटर से ही चलेंगी। ‘डीएल 1 आरटी’ के ड्राइवरों को लाइसेंस और बैज रखना अनिवार्य होगा। साथ ही लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए क्लास लेने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है।

HOT DEALS
  • Samsung Galaxy J6 2018 32GB Black
    ₹ 12990 MRP ₹ 14990 -13%
    ₹0 Cashback
  • Apple iPhone 7 Plus 128 GB Rose Gold
    ₹ 61000 MRP ₹ 76200 -20%
    ₹7500 Cashback

यह भी सहमति बनी कि एनसीआर से आने वाले आॅटो और टैक्सी वाले वापसी में दिल्ली से बाहर सवारियां नहीं ले जाएंगे, इसका अनुपालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। भारतीय मजदूर संघ समर्थित दिल्ली आॅटो रिक्शा संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र सोनी ने कहा, ‘सरकार के लिखित आश्वासन पर और जनता की परेशानियों को देखते हुए हड़ताल वापस ली गई है’। सोनी ने कहा कि सरकार ने अगले दो से तीन दिनों के अंदर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है जिसमें ओला और उबर जैसी ऐप आधारिक कैब पर नीति बनाना भी शामिल है।
ऐप आधारित कैब के खिलाफ टैक्सी और आॅटो चालक मंगलवार से बेमियादी हड़ताल पर थे और लगभग 85000 आॅटो और 15000 काली-पीली टैक्सियां राजधानी के सड़कों से दूर रहे जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App