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रवीश ने कहा- जब तक छवि बन रही थी तब तक वैक्सीन पर था केंद्र का नियंत्रण, जब लोग मरने लगे तो राज्यों पर डाल दिया बोझ, कहां गए बजट में आवंटित 35 हजार करोड़

दिल्ली के पास रविवार शाम के बाद 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोवैक्सीन देने के लिए केवल एक दिन का भंडार बचा है, वहीं कोविशील्ड का भंडार पांच दिन के लिए ही है।

कोविड वैक्सीन (फाइल फोटो)

देश के कई राज्यों में वैक्सीन की किल्लत देखी जा रही है। हालांकि सरकार की तरफ से हाल ही में कहा गया है कि देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं होगी। पत्रकार रवीश कुमार ने टीका को लेकर सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया है कि बजट में आवंटित 35 हजार करोड़ रुपये कहा हैं?

रवीश कुमार ने कहा कि वैक्सीन को लेकर जब तक केंद्र सरकार की छवि बन रही थी तो उसपर केंद्र सरकार अपना नियंत्रण बता रही थी। लेकिन जैसे ही कोरोना के दूसरी लहर में लोगों की मौत होने लगी तो बोझ राज्य सरकारों पर डाल दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्यों द्वारा वैक्सीन खरीदने से उनके ऊपर एक बड़ा आर्थिक बोझ पड़ जाएगा। कई गरीब राज्यों का स्वास्थ्य बजट का एक बड़ा हिस्सा इसमें खर्च हो जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र की तरफ से वैक्सीन के लिए जिस 35 हजार करोड़ रूपये की बात कही गयी थी वो कहा हैं?

गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में टीके की कमी है। दिल्ली के पास रविवार शाम के बाद 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोवैक्सीन देने के लिए केवल एक दिन का भंडार बचा है, वहीं कोविशील्ड का भंडार पांच दिन के लिए ही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य में कोविड-19 के पर्याप्त टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का रविवार को आग्रह किया।

सरकार के एक अधिकारी ने यहां यह जानकारी दी। जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मोदी ने छत्तीसगढ़ में कोविड-19 की स्थिति पर चर्चा के लिए रविवार को मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत की जिसमें बघेल ने उन्हें बताया कि वायरस से संक्रमण की दर राज्य में धीरे-धीरे घट रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य में टीकों की कमी से प्रधानमंत्री को अवगत कराते हुए अनुरोध किया कि टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

राजस्थान और गुजरात में भी कोरोना वैक्सीन के कमी का सामना किया जा रहा है। महाराष्ट्र की तरफ से भी कई बार टीके की कमी की बात कही गयी है। कई बार मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में वैक्सीन की कमी के कारण टीकाकरण को रोकना पड़ा है।

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