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कानपुर रेल हादसे के पीछे था आईएसआई का हाथ, रेल पटरी उड़ाने के लिए एजेंट्स को मिले थे 3 लाख रुपये

दो अन्य अपराधी गजेंद्र शर्मा और राकेश यादव की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

रेल हादसे की एक तस्वीर

बिहार पुलिस ने कहा है कि कानपुर के पास हुए दो बड़े रेल हादसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर हुए थे। इन हादसों में 151 लोगों की मौत हो गई थी और 200 घायल हुए थे। भारत-नेपाल बॉर्डर से पकड़े गए मोतीहारी के रहने वाले तीन अपराधियों-उमाशंकर पटेल, मोतीलाल पासवान और मुकेश यादव ने इसका खुलासा किया है। ये सभी आईएसआई एजेंट हैं। जिले के एसपी जितेंद्र राणा ने टाइम्स अॉफ इंडिया से बातचीत में बताया कि तीनों गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकारा है कि पूर्वी चंपारण जिला के घोड़ासाहन में एक रेल पटरी को उड़ाने के लिए बम लगाने के वास्ते आईएसआई से जुड़े ब्रजेश गिरी नामक एक नेपाली नागरिक ने उन्हें तीन लाख रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि ये तीनों पेशेवर अपराधी हैं और इनकी एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में संलिप्तता रही है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पटरी पर लगाए गए बम को ग्रामीणों की मदद से विस्फोट होने के पहले बरामद कर डिफ्यूज कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि इन तीनों की गिरफ्तारी हालांकि पूर्वी चंपारण जिला में हुई है, पर कई अन्य नेपाल के तिलैया में गिरफ्तार किए गए थे।
राणा ने बताया कि दो अन्य अपराधी गजेंद्र शर्मा और राकेश यादव की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है, जो पूर्व चंपारण जिला में छुपे हुए हैं।

राणा ने बताया कि एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन अपराधियों द्वारा किए गए खुलासे से सूचित कर दिया गया है और इनकी कानपुर रेल हादसे सहित अन्य स्थानों पर हुए रेल हादसों में संलिप्तता रही है। इस बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उनसे और भी पूछताछ की जा रही है। बता दें कि नेपाल से सटे बिहार के पूर्वी चंपारण जिला के रक्सौल से ही अगस्त 2013 में इंडियन मुजाहिदीन के प्रमुख यासिन भटकल को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 13 जनवरी को कानपुर रेल हादसों पर सीबीआई ने कुछ एेसा ही खुलास किया था। सीबीआई ने कहा था कि कानपुर में रेल पटरी काटकर हादसों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। सीबाआई ने इसी को लेकर रेलवे अधिकारियों और ट्रकेमेन्स से पूछताछ की थी । बता दें कि रेलवे ने एक जनवरी को कानपुर के पास रेल पटरी काटकर फिश प्लेट उखाड़ने के मामले में CBI जांच की मांग की थी।

कानपुर रेल हादसे ISI के इशारे पर हुए थे; रेल पटरी उड़ाने के लिए दिए गए थे 3 लाख रुपये

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