चीन की गोद में बैठकर मोबाइल एक्सपोर्ट करने के ख्वाब बुन रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान के वाणिज्यिक सलाहकार और सांसद रजाक दाउद ने दावा किया है कि अगले साल यानी 2022 से उनका देश मोबाइल फोन्स का उत्पादन और निर्यात करने लगेगा। चीन की सहायता से पाकिस्तान में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। उनका यह भी दावा है कि जल्द ही मोबाइल बनाने वाली दुनिया की नामी कंपनी सैमसंग भी पाकिस्तान ने अपनी निर्माण इकाई स्थापित करेगी।

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मोबाइल एक्सपोर्ट करने तैयारी में पाकिस्तान (फोटो-@ImranKhanPTI)

चीन के भरोसे पर चल रहा पाकिस्तान अब मोबाइल फोन एक्सपोर्ट करने की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान के वाणिज्य सलाहकार रजाक दाऊद ने एक बिजनेस कार्यक्रम के दौरान कहा कि पाकिस्तान जनवरी 2022 से देश में बने मोबाइल फोन का निर्यात शुरू करेगा।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार रजाक ने बताया कि देश में मोबाइल फोन का उत्पादन शुरू हो चुका है; “मैं अब चीन को पाकिस्तान से मोबाइल फोन का निर्यात शुरू करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा हूं। उन्होंने पिछले साल उत्पादन शुरू किया था और मैंने उन्हें दिसंबर 2021 का लक्ष्य दिया था। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वे जनवरी 2022 से निर्यात शुरू करेंगे।”

यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान में निर्मित होने वाले मोबाइल फोन के लिए कोई निर्यात लक्ष्य भी तय​ किया गया है, रजाक ने कहा कि यह निर्यात के लिए एक नया उत्पाद है। उन्होंने कहा, ‘दो साल पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि पाकिस्तान मोबाइल फोन का निर्यात शुरू कर देगा।

रजाक के अनुसार सैमसंग जैसी बड़ी मोबाइल कंपनी भी पाकिस्तान आने को तैयार है। दूसरी ओर पाकिस्तान के हालात किसी से भी छुपे नहीं हैं। वहां बिजली की कमी के चलते छोटे मोटे उद्योग धंधे भी चौपट हो रहे हैं। महंगाई आसमान पर है। आटा, सब्जियां और शक्कर जैसी बुनियादी वस्तुएं भी महंगाई के आसमान में उड़ रही हैं।

भारत के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ने की वजह से भी पाकिस्तान का आयात काफी प्रभावित हुआ है। कपास और सीमेंट के लिए पाकिस्तान की निर्भरता भारत पर बहुत ज्यादा थी। दूसरी ओर पहले की सरकारों के भ्रष्टाचार और कर्ज का बोझ इमरान सरकार भी नहीं उतार पा रही है। इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने हाल ही में कुछ वैश्विक संगठनों से कर्ज लिया है।

नान रोटियां बनाने वाली कई दुकानें बंद
मोबाइल फोन एक्सपोर्ट करने की बात करने वाले पाकिस्तान के कई इलाकों में हालात लगभग भुखमरी जैसे हो चुके हैं। खराब अर्थव्यस्था, भ्रष्टाचार तथा कुप्रशासन की मार झेल रहा यह देश कोरोना महामारी की वजह से और ज्यादा मुसीबतों में घिर गया है। हाल यह है कि कई शहरों में लोगों को रोटी के लाले पड़ गए हैं।
खैबर पख्तूनख्वाह क्षेत्र में नान रोटी बनाने वाली कई दुकानें आटे की कमी के चलते बंद हो गई हैं। वहीं बलूचिस्तान, सिंध और पंजाब प्रांत भी आटे की किल्लत से जूझ रहे हैं। पाकिस्तान की संघीय सरकार ने मामले का संज्ञान तो लिया मगर प्रांतीय सरकारों का दावा है कि आटे-गेहूं की कमी नहीं है बल्कि जानबूझकर यह संकट पैदा किया गया है।
डाटा इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने 2020 में दुनियाभर से अनुमानित 45.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का सामान आयात किया था। पाकिस्तान सब्जी, फल, तिलहन, प्लास्टिक, लोहा, कपास, कम्प्यूटर, पेट्रोल, वाहन जैसी कई चीजों के लिए आज भी आयात पर ही निर्भर है।

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