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मप्र में किसानों से खरीदे गए 15 से 20 फीसद प्याज के खराब होने का अंदेशा

प्याज की कीमतें थोक बाजार में लुढ़कने के बाद किसानों को घाटे से बचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी तरह के पहले फैसले के तहत इसकी करीब 1,03,000 टन खरीद तो कर ली..

Author नई दिल्ली | July 9, 2016 3:34 AM

प्याज की कीमतें थोक बाजार में लुढ़कने के बाद किसानों को घाटे से बचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी तरह के पहले फैसले के तहत इसकी करीब 1,03,000 टन खरीद तो कर ली, लेकिन मॉनसूनी बारिश के कारण सरकारी गोदामों में इस खरीद का 15 से 20 फीसद प्याज खराब होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बीच खुले बाजार में इस प्याज के सही दाम न मिलने के बाद राज्य सरकार को इसकी नीलामी के लिए दूसरी बार टेंडर मंगाने पड़े हैं। सरकारी गोदामों में रखे प्याज के खराब होने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ(मार्कफेड) के महाप्रबंधक (खरीद) योगेश जोशी ने शुक्रवार को बताया- हमारा अनुमान है कि किसानों से खरीदे गये करीब 1,03,000 टन प्याज में से 15 से 20 फीसद प्याज खासकर बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ने की वजह से खराब हो गया है।

उन्होेंने बताया- खरीदी केंद्रों से गोदामों में पहुंचाए जाने के दौरान भी प्याज खराब हुआ है। कुछ जगहों पर तो खरीद केंद्रों से गोदामों की दूरी 250 किलोमीटर तक थी। इतनी दूरी तक प्याज का परिवहन इसलिए किया गया, क्योंकि इन स्थानों पर खरीदी केंद्रों के पास गोदाम उपलब्ध नहीं थे। जोशी ने बताया कि प्रदेश सरकार के आदेश पर मार्कफेड ने चार से 30 जून के बीच प्रदेश के किसानों से छह रुपए प्रति किलोग्राम की दर पर 1,03,000 टन प्याज की खरीद की गई थी।

खुले बाजार में इस प्याज को बेचने का जिम्मा भी इसी एजंसी को दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्याज की बिक्री के लिए पहली बार जारी टेंडर प्रक्रिया में करीब 15 लोगों ने 60 पैसे से लेकर दो रुपए 60 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से प्याज खरीदने के लिये बोली लगाई। प्याज के खरीद मूल्य के मुकाबले बोली बेहद कम होने पर नीलामी के लिए दूसरी बार टेंडर बुलाए गए हैं।

टेंडर जमा करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है। सूबे में प्याज की बंपर पैदावार के बाद मई में थोक मंडियों में इस सब्जी के भाव इस कदर गिर गए थे कि किसानों के लिए खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था। इस स्थिति से नाराज किसानों ने विरोधस्वरूप सड़क पर प्याज फेंकने शुरू कर दिए थे। इन घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक जून को घोषणा की थी कि प्रदेश सरकार कृषकों को घाटे से बचाने के लिये छह रुपए प्रति किलोग्राम की दर से यह सब्जी खरीदेगी।

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