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नरेंद्र मोदी सरकार ने ब‍िहार और झारखंड में खोले दो पासपोर्ट दफ्तर, हजारों लोगों को राजधानी जाने से मिली निजात

बिहार के पटना और पूर्णिया के बाद भागलपुर और झारखंड में रांची के बाद देवघर में शनिवार को पासपोर्ट दफ्तर खुल गया।

पासपोर्ट के लिए हिंदी में कर सकते हैं अप्लाई। (file photo)

बिहार के भागलपुर और झारखंड के देवघर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब पासपोर्ट बनवाने के लिए भागलपुर के लोगों को पटना और देवघर को लोगों को रांची के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बिहार के पटना और पूर्णिया के बाद भागलपुर और झारखंड में रांची के बाद देवघर में शनिवार को पासपोर्ट दफ्तर खुल गया। जिसका उद्घाटन भागलपुर के सांसद शैलेश कुमार ने भागलपुर में और झारखंड गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर में शनिवार देर शाम किया। देवघर में तो हवाई अड्डे के वास्ते वहां के सांसद की पहल पर उड्डयन मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है और काम भी शुरू होने वाला है। मगर भागलपुर में हवाई अड्डा तो है लेकिन यहां केवल फोकर विमान (छोटा विमान ) या हैलीकॉप्टर ही उतर सकता है। लेकिन फिर भी यहां के लिए वैसा प्रयास भी नहीं किया जा रहा।

इस मामले में दिलचस्प बात ये है कि पहले ही दिन दफ्तर का श्रीगणेश होते ही 45 लोगों के पासपोर्ट बनवाने के लिए कागजात जमा किए, वहीं 50 से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म भरा। मसलन बिहार का यह तीसरा और झारखंड का दूसरा पासपोर्ट दफ्तर है। पूर्णिया में भी बीते महीने ही पासपोर्ट कार्यालय खुला है। यह अच्छी खबर जरूर है। कि अब भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय बगैरह के वाशिंदों को पटना की दौड़ नहीं लगानी होगी। सांसद शैलेश मंडल ने उदघाटन करते हुए इसे ऐतिहिसिक पल बताया। भागलपुर सिल्क की वजह से रेशमी नगर है। यहां एनटीपीसी, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कालेज, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और विधि महाविद्यालय है। ऐसे में पासपोर्ट दफ्तर का खोला जाना मायने रखता है। यह दफ्तर मुख्य डाकघर में खोला गया है।

इस मौके पर मौजूद क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करिए और 1500 रुपए जमा शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाइन ही आवेदन के समय ही सत्यापन की तारीख बता दी जाएगी। पासपोर्ट सेवा केंद्र पर तय समय से आधे घंटे पहले पहुंचकर कागजात के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर लें। सारे काम हो जाने के बाद पुलिस सत्यापन में 21 दिनों का समय लगेगा और फिर इसके बाद एक हफ्ते में डाक द्वारा आपका पासपोर्ट बनकर आपके बताया गए ठिकाने पर भेज देया जाएगा। इससे दलाल या नाजायज लेनदेन होने की संभावना ना के बराबर है।

साल 2015 तक सत्यापन की प्रक्रिया में आमतौर पर 69 दिन लग जाते थे। अब यह समय घटकर 35 दिन हो गया है। भागलपुर के लिए हवाई सेवा की मांग सालों से चली आ रही है। सर्वे का काम होता है और मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। जनप्रतिनिधि भी इस ओर कोई ख़ास संजीदा नहीं है। सिर्फ एक दो बयान दे देतें हैं और अपनी ड्यूटी पूरी करते हैं। अफसरान भी फाइल उसी तरीके सुस्त रफ्तार से आगे सरकाते है। इतने समय में उनका तबादला हो जाता है। मसलन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। खैर पासपोर्ट दफ्तर खुलने से जरूरतमंद लोगों को पटना की दौड़ से छुटकारा जरूर मिल गया। यह तय और राहत की बात है।

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