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आमिर खान कमेंट को लेकर बोले पर्रिकर, कहा- मैंने किसी का नाम नहीं लिया

असहिष्णुता पर चली बहस के संदर्भ में अभिनेता आमिर खान की कथित टिप्पणी से उठे विवाद पर कटाक्ष करने के एक दिन बाद, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं बनाया बल्कि वह ‘अशांति’ के खिलाफ हैं।

Author नई दिल्ली | August 1, 2016 10:18 am
डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर

असहिष्णुता पर चली बहस के संदर्भ में अभिनेता आमिर खान की कथित टिप्पणी से उठे विवाद पर कटाक्ष करने के एक दिन बाद, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं बनाया बल्कि वह ‘अशांति’ के खिलाफ हैं। पर्रिकर ने यह भी कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उन्हें लगता है कि देश सर्वोपरि है। पुणे में शनिवार को संवाददाताओं को संबोधित कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता ने आमिर पर परोक्ष तौर पर कटाक्ष किया था। आमिर ने पूर्व में ‘देश में बढ़ती असहिष्णुता’ को लेकर ‘चिंता’ जाहिर की थी।

पर्रिकर ने कहा था, ‘एक अभिनेता ने कहा था कि उनकी पत्नी भारत से बाहर रहना चाहती है। यह एक अहंकार भरा बयान था। अगर मैं गरीब हूं और मेरा मकान छोटा है तो क्या हुआ। मुझे अपने देश से प्यार करना है और हमेशा अपने छोटे मकान को बंगला बनाने का सपना देखना है।’

उन्होंने आज संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने किसी का नाम नहीं लिया। मैंने कहा था कि जो लोग देश का सम्मान नहीं करते, उनका विरोध करना चाहिए। मैं उपद्रव (अशांति) का विरोध करता हूं। ऐसे लोगों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना चाहिए। विरोध के लिए सम्मेलन आयोजित किए जाने चाहिए।’
पर्रिकर ने कहा ‘जब पिछले साल अभिनेता ने बयान दिया तो उनके विचारों से विरोध जताते हुए लोगों ने उन ऑनलाइन ट्रेडिंग एप को अनइन्स्टाल करना शुरू कर दिया, जिनके लिए उन्होंने विज्ञापन किया था और कंपनियों ने भी विज्ञापन वापस लिए (जिनमें अभिनेता ने काम किया था।)’

जेएनयू में इस साल के शुरू में राष्ट्र विरोधी कथित नारे लगाए जाने की पृष्ठभूमि में जेएनयू के छात्रसंघ नेता कन्हैया कुमार पर परोक्ष हमला करते हुए पर्रिकर ने कहा था‘‘ जो लोग देश के खिलाफ बोलते हैं, ऐसे लोगों को देश की जनता द्वारा सबक सिखाए जाने की जरूरत है।’ इस बीच एक सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मैं नहीं कहता कि राष्ट्रवादी केवल भाजपा में ही हैं। गैर राजनीतिक लोग और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी राष्ट्रवादी हो सकते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘और किसी दूसरे देश के लोग अपने देश के खिलाफ टिप्पणी नहीं कर सकते। इसलिए भारत में (देश के खिलाफ बोलने वाले) लोगों का भी विरोध होना चाहिए।’ पिछले साल नवंबर में ‘पीके’ के अभिनेता आमिर ने कथित तौर पर बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में बुद्धिजीवियों के सुर में सुर मिलाते हुए कहा था कि ऐसी घटनाओं को लेकर वह चिंतित हैं और उनकी पत्नी किरण राव ने तो यहां तक सवाल किया था कि क्या उन्हें यह देश छोड़ देना चाहिए।

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