ताज़ा खबर
 

कठुआ गैंगरेप कांड: मासूम की कब्र पर खिल रहे फूल, परिजन बोले- कोर्ट के फैसले से रूह खुश, ये उसी का ‘कमाल’

हीरानगर के बंदी कन्नाह गांव के पहाड़ पर बेटी को जिस कब्र में परिजनों ने दफनाया है वहां बेर और खैर के पेड़ों के बीच एक पौधे के फूल खिलकर उसपर गिर रहे हैं। ये फूल सफेद रंग के हैं।

Author हीरानगर | June 13, 2019 3:41 PM
मामले में 3 को उम्रकैद दी गई है। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस

कठुआ गैंगरेप पर सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों फैसला सुनाया। फैसले में 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया जिनमें 3 को उम्रकैद तो बाकी तीन को 5-5 साल की सजा सुनाई गई। कठुआ में एक मंदिर में मासुम बच्ची को बंधक बनाकर रेप किया गया था। कोर्ट के फैसले पर पीड़ित परिवार के परिजनों का कहना है कि अब बच्ची की रूह खुश होगी।

एनबीटी की एक खबर के मुताबिक हीरानगर के बंदी कन्नाह गांव के पहाड़ पर बेटी को जिस कब्र में परिजनों ने दफनाया है वहां बेर और खैर के पेड़ों के बीच एक पौधे के फूल खिलकर उसपर गिर रहे हैं। ये फूल सफेद रंग के हैं।

इन सफेद फूलों के गिरने पर कब्र की रखवाली करने वाले परिजन का कहना है कि कोर्ट के फैसले से बच्ची की रूह को शांति मिल गई है और वह बेहद खुश है तभी ये सफेद फूल कब्र पर गिर रहे हैं। परिजन कहते हैं हमारी कली जैसी बच्ची जिसे हैवानों ने कुचल दिया। पिछले एक महीने से ये सफेद फूल खिल रहे थे लेकिन अब हमें ऐसा प्रतीत होता है कि यह मुस्करा कर कब्र पर गिर रहे हैं। शायद ये उसकी रुह का इशारा है।’

परिजनों ने बच्ची की कब्र पर ‘जुल्म और ज्यादती की शिकार, शहीद। लख्त-ए-जिगर। तारीख-ए-शहादत 17 जनवरी 2018’ लिखवाया है। कब्र पर ज्यादा लोग नहीं आते। बच्ची के परिजन प्रत्येक दिन कब्र पर आते हैं। बता दें कि बच्ची की मौत के बाद रसाना गांव में उसे कब्र के लिए जमीन देने से मना कर दिया था। जिसके बाद परिजनों ने अपने पैृतक गांव में ही उसे दफनाने का फैसला किया था।

परिजन कहते हैं हमारी बच्ची को गांववालों ने कब्र की जमीन देने से साफ मना कर दिया था। और फिर हम उसे अपने पैतृक गांव ले आए यहां पर हमारी पुश्तैनी जमीन है जिसपर हमने उसे दफना दिया। इसके कुछ दिनों बाद वह हमारे एक वृद्ध परिजन के सपने में आई और उन्हें इसके लिए शुक्रिया अदा करके चली गई। कोर्ट के फैसले से वह जन्नत में खुश होगी क्योंकि उसको मारने वालों को कोर्ट ने सजा दे दी है।

बता दें कि मामले में जिन तीन दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है, उनका नाम सांझी राम, प्रवेश कुमार और दीपक खजूरिया है। वहीं, दो पुलिस अधिकारियों – उपनिरीक्षक आनंद दत्ता और हेड कॉन्स्टेबल तिलकराज- और एक विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंद्र वर्मा को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है। वहीं एक अन्य आरोपी सांझी राम के बेटे विशाल जंगोत्रा को कोर्ट ने बरी कर दिया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X