ताज़ा खबर
 

JK: फारूक अब्दुल्ला संग बदसलूकी, हर-हर महादेव के नारे लगा कश्मीरी पंडितों ने की धक्का-मुक्की

वह श्रीनगर के ज्येष्ठा देवी श्राइन मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान 'जिंदाबाद, हर- हर महादेव' के नारे भी लगाए गए।

कश्मीरी पंडितों ने लगाए नारे। फोटो: Video grab image

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला के साथ कश्मीरी पंडितों ने की धक्का-मुक्की की। वह श्रीनगर के ज्येष्ठा देवी श्राइन मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान ‘जिंदाबाद, हर- हर महादेव’ के नारे भी लगाए गए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में जमकर नारेबजी की गई। समर्थकों ने ‘मोदी-मोदी’, ‘मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

बताया जा रहा है कि वह यहां कश्मीर पंडितों से मुलाकात के लिए आए थे। कश्मीर पंडितों की लंबे समय से मांग रही है कि उनकी कश्मीर में फिर से वापसी हो। कश्मीरी पंडित नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष से इसलिए भी नाराज हैं क्योंकि राज्य में जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने मुद्दे कोे नहीं सुलझाया।

अब्दुल्ला समर्थकों ने की भीड़ को शांत करने की कोशिश: नारेबाजी के दौरान अब्दुल्ला मंदिर की उस जगह पर थे जहां कश्मीरी पंडित पूजा-पाठ करते हैं। जैसे ही लोगों ने उन्हें देखा तो पीएम के समर्थन में जमकर नारेबाजी होने लगी। नारेबाजी करने वालों में महिलाएं और पुरुष शामिल थे। जब लोगों ने उन्हें घेर लिया तो अब्दुल्ला समर्थकों ने भीड़ से शांत रहने की अपील की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एकबार नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष की बात को सुन लीजिए।

बता दें कि 90 के दशक के कई कश्मीरी पंडितों को उपद्रव की वजह से कश्मीर से पलायन करना पड़ा था।  उस दौरान राज्य में हालात कश्मीरी पंडितों के खिलाफ थे ऐसे में बड़ी संख्या में पलायन हुआ। बताया जाता है कि करीब 1.5 लाख हिंदुओं ने पलायन किया था। उन्होंने शरणार्थि बनकर दिल्ली समेत अन्य राज्यों में डेरा डाला। हालांकि मोदी सरकार कश्मीरी पंडितों के मुद्दे को लगातार उठाती रही है और कई मौकों पर कह चुकी है उन्हें अपना हक दिया जाना चाहिए।

 

 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 कठुआ गैंगरेप कांड: मासूम की कब्र पर खिल रहे फूल, परिजन बोले- कोर्ट के फैसले से रूह खुश, ये उसी का ‘कमाल’