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इंडोनेशियाः ड्रग्स तस्करी के आरोप में 14 दोषियों में से 4 को मिली मौत की सजा

ड्रग्स से जुड़े मामलों के लिए सही मायने में इंडोनेशिया का कानून काफी सख्त है। खबर आ रही है इंडोनेशिया में ड्रग अपराधों में मौत की सजा पाने वाले 14 लोगों में से चार को मृत्युदंड दे दिया जा चुका है।

Author जकार्ता (इंडोनेशिया) | July 29, 2016 06:46 am
(Photo-Twitter)

ड्रग्स से जुड़े मामलों के लिए सही मायने में इंडोनेशिया का कानून काफी सख्त है। खबर आ रही है इंडोनेशिया में ड्रग अपराधों में मौत की सजा पाने वाले 14 लोगों में से चार को मृत्युदंड दे दिया जा चुका है। आरोपियों को सजा 12 बजकर 45 मिनट पर दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक फायरिंग स्क्वैड ने स्थानीय समय के अनुसार मध्य रात से कुछ देर बाद एक इंडोनेशियाई नागरिक और नाइजीरिया के तीन नागरिकों को मौत की सजा दी गई है। हालांकि अभी ये नहीं मालूम चला कि बाकी दस आरोपियों को मौत की सजा मिलेगी या नहीं। गौरतलब है कि बीते साल ड्रग्स अपराधों के 14 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई थी। इनमें से कई नागरिक विदेशी हैं, जिनमें एक भारत के पंजाब से ताल्लुख रखने वाले गुरदीप सिंह भी शामिल हैं। 48 वर्षीय गुरदीप सिंह को 300 ग्राम हेरोइन की तस्‍करी करने की कोशिश में इंडोनेशिया में वर्ष 2004 में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि  इन्हें बचाने के लिए भारत सरकार अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रही है। विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि मादक पदार्थ से जुड़े एक मामले में इंडोनेशिया में मौत की सजा का सामना करने जा रहे भारतीय नागरिक की जान बचाने के लिए सरकार आखिरी वक्त की कोशिशें कर रही है।

इंडोनेशिया की मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मौत की सजा पर अमल की निंदा करते हुए इसे ‘निंदनीय’ कार्रवाई बताया है जिससे ‘अंतरराष्ट्रीय और इंडोनेशिया के कानूनों का उल्लंघन होता है। वहीं यूनाईटेड नेशंंस ने इंडोनेशिया सरकार से सजा रोकने की अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक परिजन को अंतिम विदाई देने के लिए दिन के वक्त वहां रिश्तेदार जुटे थे। द्वीप पर 17 एंबुलेंस भेजी गईं थी जिनमें से 14 में ताबूत पाए गए। बता दें ये जानकारी हमें भारतीय गुरदीप के जरिए भी मिली है, जिन्होंने अपनी पत्नी से फोन पर मरने के बाद शव को स्वदेश लाने को कहा।

जिन लोगों को मौत की सजा दी गई उनमें इंडोनेशिया 4 नागरिक हैं। उनमें इंडोनेशिया के फ्रेडी बडिमैन, नाइजीरिया के सेक ओसमैन, हम्फ्री जेफरसन एजिक और मिचेल टिटुज इग्वेह हैं।

इनके अलावा एक भारतीय, एक पाकिस्तानी, दो जिम्बाब्वे, दो नाइजिरिया और दो अन्य नागरिक शामिल हैं। ये फिलहाल अभी सेफ है। पाकिस्तान के जुल्फिकार अली पर भी ये आरोप लगा है। उनका कहना है कि जुल्फिकार की पिटाई की गई ताकि वो मान लें कि उनके पास हेरोइन थी। बाद में पाकिस्तान की सरकार की दखलंदाजी के बाद फिलहाल जुल्फिकार पर फैसला की सजा रोक दी गई। यही वजह है कि वहां के लोग इस वीडियो में खुशी मनाते नजर आ रहे हैं।