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पाक की ‘जंग’ और भारत का ‘आतंकवाद’

भारतीय सुरक्षा बल कश्मीर में राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसका संज्ञान लेना चाहिए।

Author नई दिल्ली | July 16, 2016 04:41 am

भारतीय सुरक्षा बल कश्मीर में राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसका संज्ञान लेना चाहिए। पाकिस्तान ने ओआइसी, पी-5 और यूरोपीय संघ सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से कथित तौर पर अत्याचार किए जाने और मानवाधिकार के उल्लंघन के बारे में सूचित कर दिया है। पाकिस्तान के राजदूतों को मेजबान देशों और मानवाधिकार संगठनों को हालात से अवगत कराने को कहा गया है। संयुक्त राष्ट्र को कश्मीर पर अपने प्रस्तावों को लागू कराना चाहिए
क्योंकि कश्मीर सहित अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान करना उसकी जिम्मेदारी है। हम संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर का समाधान चाहते हैं। अगर आप (संरा) कश्मीर के समाधान में मदद करने के लिए दखल देना चाहते हैं तो यह आपका फर्ज है। हमने कश्मीर पर जंगें लड़ी हैं और बातचीत भी की है। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत पर दबाव बनाना चाहिए कि वह कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत करे। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने के लायक नहीं है क्योंकि वह लगातार संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है।
-नफीस जकारिया, पाकिस्तानी विदेश विभाग के प्रवक्ता
इसे माने जनमत संग्रह
संयुक्त राष्टÑ अपना दोहरा रवैया छोड़े और कश्मीर में जारी विरोध को हिंदुस्तान के खिलाफ जनमत संग्रह माने वरना कोई भी ताकत दक्षिणी एशिया समेत दुनिया की शांति को तबाह होने से नहीं रोक सकती है।
-सैयद सलाहुद्दीन, मुत्तेहिदा जिहाद काउंसिल का सरगना
कश्मीर में और बढ़ेगी हिंसा
भारत शासित कश्मीर में हिंसा और बढ़ेगी। मैं पाकिस्तान की सरकार पर यह दबाव बनाने के लिए पूरे देश में प्रदर्शन की अगुआई करूंगा कि अगर पाकिस्तान अमेरिका को दशकों पुराने कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने के लिए नहीं मना सकता तो उसे वाशिंगटन से संबंध समाप्त कर लेने चाहिए।
-हाफिज सईद, आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक
भारत का पलटवार
अफसोस है कि आज हमने संयुक्त राष्ट्र मंच के दुरुपयोग का प्रयास होते देखा। यह प्रयास पाकिस्तान ने किया, एक ऐसा देश जो दूसरों के भूभाग का लालच करता है, एक ऐसा देश जो दिग्भ्रमित लक्ष्य की पूर्ति के लिए आतंकवाद को एक सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करता है, एक ऐसा देश जो आतंकियों का गुणगान करता है और संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकी घोषित किए गए लोगों को पनाहगाह उपलब्ध करवाता है। यह एक ऐसा देश है जो मानवाधिकारों और स्वाधीनता का स्वांग रचता है। पाकिस्तान का ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह समझाने में विफल रहा है कि उसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के इसी सत्र में मानवाधिकार परिषद की सदस्यता मिलनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से ऐसे मंसूबे, स्वार्थी कोशिशें देखता आया है। ऐसी ही एक कोशिश आज हुई। इन्हें इस मंच में या संयुक्त राष्ट्र में कहीं और कोई तवज्जो नहीं मिली।
-सैयद अकबरुद्दीन, संयुक्त राष्टÑ में भारत के दूत (पाकिस्तान की दूत मलीहा लोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में मानवाधिकारों पर बहस के दौरान अपने बयान में भारतीय बलों द्वारा वानी की ‘न्यायेत्तर हत्या’ का जिक्र कर उसे ‘कश्मीरी नेता’ बताया। लोदी के बयान पर अकबरुद्दीन ने यह करारा जवाब दिया)

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