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दिल्ली हिंसा में मारे गए IB के अफसर, मरने वालों की संख्या हुई 21, नाले से मिली लाश

शर्मा (26) इंटेलिजेंस ब्यूरो में ट्रेनिंग पर थे। उनके परिजनों ने बताया कि शर्मा घर लौटते वक्त चांदबाग में ही पत्थरबाज भीड़ के निशाने पर आ गए।

आईबी ऑफिसर के परिवार के सदस्य। फोेटो: Indian Express/Twitter/Abhishek Angad

Delhi Violence, Delhi Protest Today News: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में जारी हिंसा के बीच बुधवार को दिल्ली के चांदबाग इलाके में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अफसर अंकित शर्मा का शव मिला है। शर्मा (26) इंटेलिजेंस ब्यूरो में ट्रेनिंग पर थे। शर्मा घर लौटते वक्त चांदबाग में ही पत्थरबाज भीड़ के निशाने पर आ गए।

भीड़ ने उन्हें चांदबाग पुल तक दौड़ाया और पकड़ने के बाद पीट-पीटकर हत्या कर दी। उनका शव चांदबाग के नाले में मिला। परिवार मंगलवार शाम से ही उनकी तलाश कर रहा था। बताया गया है कि शर्मा ने 2017 में इंटेलिजेंस ब्यूरो ज्वॉइन की थी और वह सिक्योरिटी असिस्टेंट के पद पर अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रहे थे। वह खजूरी खास इलाके में परिवार के साथ रह रहे थे।

बता दें कि चांदबाग दिल्ली के उन हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है जहां पर सीएए विरोधी और सीएए समर्थकों के बीच हिंसा से माहौल तनावपूर्ण है। अब तक दिल्ली में 21 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

शव बरामद होने के बाद अंकित के पिता रविंद्र शर्मा ने आम आदमी पार्टी नेता पर अंकित की हत्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि अंकित को पहले मारापीटा गया और इसके बाद उनपर गोली चलाई गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रविंद्र शर्मा भी इंटेलिजेंस ब्यूरो में कार्यरत हैं।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अंकित की हत्या को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। राष्ट्रीय राजधानी में जारी हिंसा पर न्यायमूर्ति एस मुरलीधर ने कहा कि अब यह दिखाने का समय है कि जेड सिक्योरिटी सभी के लिए है। इस बीच दिल्ली में फैली हिंसा की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। वहीं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में सीएए विरोधी हिंसा में हुई मौतों के लिए मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की है।

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि दिल्ली में अर्धसैनिक बल की तैनाती क्यों नहीं की गई। बीजेपी के एक नेता ने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल कहां थे और क्या कर रहे थे। गृहमंत्री जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। दिल्ली में एक सोचा समझा षड्यंत्र रचा गया है। दिल्ली में डर नफरत का माहौल बनाया गया है।

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