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गोडसे की पुजारी प्रज्ञा ठाकुर को इन्होंने टिकट दिया, दिल्ली हिंसा की बात कर सुधांशु त्रिवेदी से बोले CPI नेता

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने जब ट्रैक्टर परेड में शामिल किसानों की आलोचना की तो CPI नेता दिनेश वार्ष्णेय ने यह कहकर उन्हें घेरने की कोशिश की कि गोडसे की पुजारी प्रज्ञा ठाकुर को इन्होंने ही टिकट दिया था।

Tractor Parade, Farmers' Protest, 26 January Paradeट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा फोटो सोर्स: ट्विटर/@SukhdevSingh_)

किसान आंदोलन में हुई हिंसा के बाद एक टीवी चैनल की डिबेट में बीजेपी और कम्युनिस्ट नेता के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने जब ट्रैक्टर परेड में शामिल किसानों की आलोचना की तो CPI नेता दिनेश वार्ष्णेय ने यह कहकर उन्हें घेरने की कोशिश की कि गोडसे की पुजारी प्रज्ञा ठाकुर को इन्होंने ही टिकट दिया था।

वार्ष्णेय ने कहा कि बीजेपी हमेशा से हिंसा की समर्थक रही है। यही वजह रही कि इन लोगों ने बाबरी मस्जिद को तुड़वाया, दंगे करवाए। उनका सवाल था कि किसान टीकरी और सिंधू बार्डर से बाहर कैसे निकले। पुलिस ने जो रूट दिया ट्रैक्टर उनसे बाहर कैसे निकले। ये हमारे लोग नहीं हैं। यह बीजेपी के लोग थे। जिन्होंने किसानों की छवि बिगाड़ने के लिए हिंसा की। उनका कहना है कि किसान शांति से आंदोलन कर रहे हैं।

कृषि कानून के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन गणतं​त्र दिवस के दिन उग्र दिखाई दिया। दिल्ली में किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर परेड के दौरान कई जगह पुलिस और किसानों के बीच टकराव हुआ। दिल्ली पुलिस ने कुछ अहम शर्तों के साथ किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति दी थी, लेकिन मंगलवार की सुबह जब किसान ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचे, तो सारे नियम हवा हो गए।

बैरिके​डिंग तोड़ने और पुलिस से टकराव की सूचना सुबह से ही मिलनी शुरू हो गईं थी मंगलवार सुबह ​किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान कई जगह पुलिस और किसानों के बीच टकराव हुआ। प्रदर्शन इस कदर उग्र हो गया कि पुलिस को किसानों पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो राजधानी की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। गृह मंत्री खुद सारे हालात की समीक्षा कर रहे हैं। पता लगाने की कोशिश हो रही रहै कि हालात बेकाबू कैसे हुए। पुलिस का कहना है कि जो रूट किसानों को दिया गया था, उन्होंने उसकी अवहेलना की, जिसके बाद हालात बेकाबू हुए। उन्हें काबू करने के लिए बल का प्रयोग करना पड़ा।

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