ताज़ा खबर
 

न्यायिक सदस्यों का वेतन नहीं बढ़ाने पर सरकार की खिंचाई

मुंबई हाई कोर्ट ने 2014 का अपना वह आदेश लागू नहीं करने के लिए शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार की खिंचाई की, जिसमें उसने राज्य के उपभोक्ता मंचों के न्यायिक सदस्यों का वेतन बढ़ाने के लिए कहा था।

Author मुंबई | July 9, 2016 3:15 AM

मुंबई हाई कोर्ट ने 2014 का अपना वह आदेश लागू नहीं करने के लिए शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार की खिंचाई की, जिसमें उसने राज्य के उपभोक्ता मंचों के न्यायिक सदस्यों का वेतन बढ़ाने के लिए कहा था। सरकारी वकील अभिनंदन वाग्यानी ने अदालत को भरोसा दिया कि राज्य फरवरी में किए गए उस निर्णय पर पुनर्विचार कर रहा है, जिसमें वेतन नहीं बढ़ाने का निर्णय किया गया था। इसके बाद पीठ ने कहा कि वह इस चरण पर अवमानना कार्रवाई के लिए जोर नहीं देगा।

न्यायमूर्ति अभय ओका के नेतृत्व वाले पीठ ने मुंबई ग्राहक पंचायत व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य में उपभोक्ता मंचों के सदस्यों के वेतन व अन्य भत्ते बढ़ाने संबंधी हाई कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया। पीठ ने सरकार के उस हाल के निर्णय पर नाराजगी जताई, जिसमें न्यायिक सदस्यों के वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था।

पीठ ने कहा कि यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके वेतन बढ़ाने संबंधी हाई कोर्ट के 2014 के आदेश को बरकरार रखा। पीठ ने कहा कि वास्तव में हम पाते हैं कि सरकार की ओर से कोई दिमाग नहीं लगाया गया। पीठ ने चेतावनी दी कि वह अदालत के आदेश का पालन नहीं करने के लिए सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर बाध्य होगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App