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आमला ने किया टीम की रणनीति का बचाव

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हाशिम अमला ने भारत के खिलाफ चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में अपनी टीम के बेहद रक्षात्मक होकर खेलने की रणनीति का बचाव करते हुए कहा.

Author नई दिल्ली | December 7, 2015 11:48 PM
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हाशिम अमला। (पीटीआई फोटो)

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हाशिम आमला ने भारत के खिलाफ चौथे और अंतिम क्रिकेट टैस्ट में अपनी टीम के बेहद रक्षात्मक होकर खेलने की रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि कोई भी टीम आसान गेंदों को रक्षात्मक तरीके से नहीं खेलना चाहती लेकिन हालात की मांग थी कि जोखिम भरे शाट नहीं खेले जाएं। मेरा मानना है कि कोई भी प्रत्येक गेंद को रक्षात्मक होकर नहीं खेलना चाहता। आप रन बनाना चाहते हो।

आमला ने कहा कि समय की मांग थी कि हम ज्यादा से ज्यादा समय तक बल्लेबाजी करें। जोखिम भरे शाट से दूर रहना था। फुलटास और हाफ वाली को रक्षात्मक होकर खेलना काफी मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि यह काफी अस्वाभाविक बल्लेबाजी थी लेकिन जब ऐसा किया जाता है तो आपको प्रतिबद्धता की सराहना करनी पड़ती है और एबी (डिविलियर्स) इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। टीम के लिए रक्षात्मक होकर खेलने का प्रयास करना और स्वार्थी नहीं होना।

आमला ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि वे मैच बचा लेंगे जैसा कि उन्होंने तीन साल पहले आस्ट्रेलिया के खिलाफ एडीलेड में किया था। उन्होंने कहा कि हमें निश्चित तौर पर विश्वास था कि ऐसा हो सकता है। लंच तक हमने सिर्फ तीन विकेट गंवाए थे और हमारा विश्वास पक्का था। हमें पता था कि अंतिम सत्र और अंतिम घंटा हमेशा मुश्किल होता है। एक या दो विकेट गंवाओ तो फिर आठवें, नौवें और 10वें नंबर के बल्लेबाज के लिए टिकना मुश्किल होता है।

उन्होंने कहा कि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। एबी डिविलियर्स ने मैच बचाने का शानदार प्रयास किया लेकिन दुर्भाग्य से हम वहां तक नहीं पहुंच पाए जहां पहुंचना चाहते थे। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने स्वीकार किया कि 481 का लक्ष्य बहुत होता है। होता तो वे इसे हासिल करने की कोशिश करते।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप यहां मौजूदा कुछ लोगों से पूछे कि क्या हम 480 रन बना सकते हैं, मुझे नहीं लगता कि काफी लोग हाथ खड़ा करेंगे। यह काफी बड़ा लक्ष्य था विशेषकर अगर पांच सत्र बल्लेबाजी करनी हो तो। हमें लगा कि मैच बचाने का प्रयास करना ही सर्वश्रेष्ठ है।’’

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