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लोर्गट को राजस्व बांटने के मॉडल की समीक्षा की उम्मीद

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट को उम्मीद है कि आइसीसी के राजस्व बांटने के माडल की समीक्षा की जाएगी। उनकी नजरें..
Author बंगलुरु | November 16, 2015 23:26 pm
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट।

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट को उम्मीद है कि आइसीसी के राजस्व बांटने के माडल की समीक्षा की जाएगी। उनकी नजरें इस पर टिकी हैं कि बीसीसीआइ के अध्यक्ष शशांक मनोहर जब वैश्विक संस्था के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे तो वे क्या कदम उठाएंगे। राजस्व बांटने में माडल के तहत मुनाफे का बड़ा हिस्सा भारत, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के खाते में जाता है।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा टैस्ट देखने के लिए यहां पहुंचे लोर्गट से जब राजस्व माडल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस पर (मौजूदा राजस्व माडल) सहमति बनी है लेकिन उम्मीद करता हूं कि निकट भविष्य में इसकी समीक्षा की जाएगी। देखते हैं कि (शशांक) मनोहर आइसीसी को आगे बढ़ाने के लिए अपने विजन के तौर पर क्या देते हैं। उम्मीद करते हैं कि इसकी समीक्षा की जाएगी।

आइसीसी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोर्गट के बीसीसीआइ के पूर्व प्रमुख और आइसीसी के मौजूदा अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के साथ काफी अच्छे कामकाजी रिश्ते नहीं रहे। श्रीनिवासन के निर्देश पर ही विवादास्पद ‘पोजीशन पेपर’ पेश किया गया जिसमें व्यावसायिक लाभ के मुद्दे पर नियंत्रण ‘बिग थ्री’ के हाथ में चला गया। यह पूछने पर कि क्या उन्हें बदलाव की उम्मीद है, लोर्गट ने कहा कि उनका विश्वास आगे बढ़ने में है।

लोर्गट ने कहा कि मनोहर के बीसीसीआइ अध्यक्ष बनने के बाद से वे उनसे नहीं मिले हैं लेकिन उनकी उनसे मिलने की योजना है। उन्होंने कहा- मैं मनोहर से नहीं मिला हूं लेकिन मेरी उनसे मिलने की योजना है। देखते हैं कि मैं उनसे कब मिल सकता हूं। लोर्गट ने कहा कि 2013 के विवाद के बाद बीसीसीआइ के साथ रिश्ते एक बार फिर मजबूत हुए हैं। तब विवाद के बाद भारत ने दक्षिण अफ्रीका में दो टैस्ट और तीन वनडे की शृंखला खेली थी जिसके मैचों की संख्या में कमी की गई थी। उन्होंने कहा कि रिश्ते दोबारा मजबूत हुए हैं। देखते हैं भविष्य में क्या होता है।

सीएसए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका प्रत्येक दो साल में एक बार एक दूसरे के देश में खेलने पर राजी हुए हैं। लोर्गट ने कहा कि द्विपक्षीय शृंखलाओं का फैसला दो सदस्य देश करते हैं और हम 2023 तक की शृंखलाओं पर राजी हुए हैं। प्रत्येक दो साल में हम एक दूसरे से एक दूसरे के देश में खेलेंगे। हमारे बीच सहमति बनी है कि दोनों देशों के बीच होने वाली इन शृंखलाओं में चार टैस्ट, पांच वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे।

लोर्गट ने कहा कि यह महत्त्वपूर्ण है कि हम टैस्ट मैच खेलें क्योंकि हम सभी को यह प्रारूप पसंद है और हम यह प्रारूप की प्रगति चाहते हैं। मुझे लगता है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चार टैस्ट की शृंखला प्रशंसकों, खिलाड़ियों और सभी के लिए आकर्षक है। चार टैस्ट की शृंखला खेलना हमेशा अच्छा होता है।

लोर्गट की नजर में टैस्ट खेलने वाले किसी भी देश के लिए भारत के खिलाफ शृंखला लुभावनी होती है क्योंकि इससे काफी राजस्व जुड़ा होता है लेकिन भारत और दक्षिण अफ्रीका सीरीज को जो महत्त्वपूर्ण बनाता है, वह दोनों देशों के बीच रिश्ता है। उन्होंने कहा कि यह सभी देशों के राजस्व का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। राजस्व के अलावा हमारा (भारत के साथ) लंबे समय से रिश्ता है। आप देख सकते हैं कि प्रशंसक इससे कितना प्यार करते हैं। और यही महत्त्वपूर्ण है। लोर्गट ने साथ ही रैम स्लैम (दक्षिण अफ्रीका का आइपीएल अवतार) में भारतीय क्रिकेटरों के खेलने के विचार का स्वागत किया अगर भारतीय बोर्ड उन्हें स्वीकृति दे तो।

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