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सरकार ई-वीजा प्रणाली सुधारेगी: पर्यटन सचिव

सरकार 150 देशों के साथ ई-वीजा सुविधा करने के बाद अब देश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस प्रणाली में और सुधार करने जा रही है।
Author नई दिल्ली | July 29, 2016 03:27 am
पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी

सरकार 150 देशों के साथ ई-वीजा सुविधा करने के बाद अब देश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस प्रणाली में और सुधार करने जा रही है। पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी ने यहां इस उद्योग से जुड़ी एक बैठक में कहा- 150 देशों के साथ ई-वीजा की व्यवस्था है। हम ई-वीजा प्रणाली में और सुधार कर रहे हैं। हम इसका विस्तार कर स्वास्थ्य पर्यटन और कारोबार पर्यटन को इसके दायरे लाना चाहते हैं और यह सिर्फ कुछ समय की बात है। नवंबर 2014 में पेश यह योजना सिर्फ 113 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध थी। इस साल इन देशों में 37 और देशों को जोड़ा गया जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 150 हो गई।

पर्यटन मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से कहा कि तुर्की, इटली, सऊदी अरब और मोरक्को समेत और देशों के नागरिकों को यह सुविधा प्रदान करने के लिए कहा है। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय की ओर से उठाए गए पहलों की जानकारी देते हुए जुत्शी ने कहा कि सरकार ने पर्यटक गंतव्यों के संपर्क पहलुओं पर काम करने के लिए पर्यटन सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यबल का गठन करने का भी फैसला किया है।
इस कार्यबल में राष्ट्रीय राजमार्ग, नागर विमानन और रेल विभाग के भी प्रतिनिधि होंगे। पर्यटन मंत्रालय 31 सितंबर से तीन दिन का विशाल समारोह – ‘अतुल्य भारत पर्यटन निवेशक सम्मेलन’ भी आयोजित करेगा।

जुत्शी ने कहा- हमने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वह इस समारोह के मुख्य अतिथि हैं। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन और चीन समेत विभिन्न देशों के अधिकारी संभािवत निवेशकों से मिलने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा- हम निवेश आकर्षित करने के लिए सामने से मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने बताया कि औद्योगिक नीति व संवर्द्धन विभाग(डीआइपीपी)और इन्वेस्ट इंडिया के सहयोग से मंत्रालय निवेशकों को सुविधा प्रदान के लिए निवेश डेस्क की स्थापना करेगी। सचिव ने कहा कि यह नई इकाई है जिसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए भारत में निवेश करने का यह सही समय है क्योंकि सरकार कारोबार सुगमता बढ़ा रही है, सक्रिय नौकरशाही है और विभिन्न राज्यों में एकल खिड़की सुविधा पेश की गई है। उन्होंने कहा कि राज्यों को इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इकट्ठे होना होगा क्योंकि वे मुख्य बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

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