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बैंक SMS और सर्विलांस से सुलझा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या का मामला

23 जुलाई को सेक्टर-62 इलाके में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या आॅटो गिरोह ने की थी। शराब पीने के लिए रकम जुटाने के लिए गिरोह ने इंजीनियर को आॅटो में बैठाया था।

Author नोएडा | August 5, 2016 02:10 am
पुलिस की गिरफ्त में हत्यारे

23 जुलाई को सेक्टर-62 इलाके में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या आॅटो गिरोह ने की थी। शराब पीने के लिए रकम जुटाने के लिए गिरोह ने इंजीनियर को आॅटो में बैठाया था। रास्ते में लूटपाट करने के बाद खोड़ा कालोनी के एक एटीएम से जबरदस्ती रकम निकलवाने की कोशिश की थी। पिन नंबर गलत होने पर बदमाशों ने टायर बदलने वाला पाना उसके सिर पर मार दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कॉल डिटेल, सर्विलांस और एटीएम कैमरे में बदमाशों की फोटो के आधार पर थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। छठा बदमाश अभी फरार है। पकड़े गए आरोपी गाजियाबाद के डासना और हापुड़ के रहने वाले हैं। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल, पाना व इंजीनियर का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।

मूल रूप से मुरादाबाद का रहने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर शैलेंद्र रोहिल्ला सेक्टर-62 की एक नामी कंपनी में काम करता था। वह दिल्ली के पांडव नगर में किराए पर रहता था। ड्यूटी खत्म होने पर शैलेंद्र अपने दोस्त के साथ मॉडल टाउन पुलिस चौकी तक आता था। वहां से एक आॅटो लेकर दिल्ली जाता था। 22 जुलाई की रात को शैलेंद्र मॉडल टाउन पर आॅटो का इंतजार कर रहा था। एक आॅटो चालक ने उसे दिल्ली पहुंचाने की बात कहकर उसे बैठाया। आॅटो में ड्राइवर के अलावा पहले से तीन सवारी बैठी थी।

एनआइबी चौकी के पास पहुंचते ही ड्राइवर समेत सवारी के रूप में बैठे बदमाशों ने उससे पर्स, मोबाइल और बैग छीन लिया। खोड़ा कालोनी के एक एटीएम में तीनों बदमाश उसे अपने साथ लेकर गए। एटीएम में गलत पिन नंबर डालने पर ट्रांजेक्शन नहीं हो पाई। इससे नाराज होकर बदमाशों ने उसके सिर पर लोहे का पाना मार दिया। जिससे उसका सिर फट गया। बताया गया है कि गिरोह के दो बदमाश मोटरसाइकिल पर चल रहे थे। बदमाश शैलेंद्र को उसी हालत में सेक्टर-62 में पीर बाबा की मजार के पास छोड़कर फरार हो गए। अगले दिन परिजनों के थाने पहुंचने पर शव मिला।

एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हत्यारों का कोई सुराग नहीं होने पर भी पुलिस सर्विलांस और कॉल डिटेल के आधार पर बदमाशों तक पहुंची। कॉल डिटेल में शैलेंद्र के मोबाइल पर 23 जनवरी तड़के 12.48 बजे 25 हजार रुपए के ट्रांजेक्शन खारिज होने का मैसेज आया था। उस एटीएम के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए तीन बदमाशों की फोटो पुलिस को मिली। उसी दिन सुबह 3.45 बजे सर्विलांस में शैलेंद्र के मोबाइल की लोकेशन मसूरी में मिली। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस डासना के रहने वाले वसीम और सोनू तक पहुंची। इन दोनों की फोटो एटीएम के सीसीटीवी कैमरे में कैद थी। कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरा मामला सामने आया। पुलिस ने डासना के रहने वाले आजाद उर्फ चीनी, दिलशाद, हापुड़ निवासी नासिर को हत्या करने का आरोप में गिरफ्तार किया। छठा साथी अंकित अभी फरार है।

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