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आप विधायक सुरेंद्र सिंह को चुनाव आयोग का नोटिस

चुनाव आयोग ने लाभ के दो पदों के एक अन्य मामले में आम आदमी पार्टी के एक अन्य विधायक सुरेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया है। सुरेंद्र सिंह दिल्ली कैंट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं।

Author नई दिल्ली | July 29, 2016 01:14 am
आम आदमी पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह

चुनाव आयोग ने लाभ के दो पदों के एक अन्य मामले में आम आदमी पार्टी के एक अन्य विधायक सुरेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया है। सुरेंद्र सिंह दिल्ली कैंट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के समक्ष आप विधायक की शिकायत भाजपा नेता करण सिंह तंवर के वकील पुत्र भुवन तंवर ने दाखिल की है। राष्ट्रपति मुखर्जी ने इस शिकायत को चुनाव आयोग के समक्ष भेज दिया है। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को इस मामले में 16 अगस्त को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।

इस मामले की जानकारी भाजपा नेता और एनडीएमसी के उपाध्यक्ष करण सिंह तंवर ने गुरुवार को पत्रकारों को दी। तंवर ने बताया कि विधायक सुरेंद्र सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र को एक विशेष दर्जा नामित कराकर, दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग ने एनडीएमसी से पूल पर लेकर यशवंत प्लेस स्थित 12 नंबर, टाईप-प्ट फ्लैट को कार्यालय के नाम पर आबंटित करा लिया। यह साफ तौर पर लाभ के पद के दायरे में आता है। हैरानी की बात है कि इस फ्लैट का उपयोग दफ्तर के तौर पर नहीं बल्कि आवासीय तौर पर किया जा रहा है। इतना ही नहीं, विधायक सुरेंद्र सिंह ने केजरीवाल से एनडीएमसी अधिकारियों पर दबाव बनवाकर लगभग 2 साल से टाइप-5 के तीन फ्लैट नंबर 12, 13 व 14 चाण्क्यपुरी, यशवंत प्लेस में गैरकानूनी ढंग से आबंटित कराए हुए हैं। मकान संख्या 12 पर पहले अवैध कब्जा किया हुआ था।

अब हाल ही में दफ्तर के नाम पर दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग से पूल पर लिया गया है। मकान संख्या 13 को पीएसओआइ क्लब का गेस्ट हाउस बताकर 2 साल से आबंटन कराया हुआ है। पहले इस मकान का 1500 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से आबंटन हुआ था। अब मात्र 600 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से रखा गया है। जबकि टाइप-5 के एक मकान का बाजार के हिसाब से किराया लगभग 60 हजार रुपए है। मकान संख्या 14 पर अनधिकृत रूप से कब्जा किया हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यशवंत प्लेस में ही बीकानेर स्वीट के पास एक अन्य कमरे में आम आदमी पार्टी का दफ्तर बनाकर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। बीकानेर स्वीट के सामने पार्क में भी विधायक निधि से पार्टी दफ्तर के नाम पर बड़ा पोर्टा केबिन बनाया जा रहा है। तंवर का आरोप है कि विधायक को दफ्तर के नाम पर दिल्ली कैंट के क्रिबी प्लेस में स्थित तहसीलदार कार्यालय का एक कमरा छीनकर स्टाफ सहित आबंटित किया हुआ है। जबकि यहां पहले से ही पहचानपत्र कार्यालय, राशन कार्ड आॅफिस व एम्पलॉयमेंट एक्सचेंज के दफ्तर हैं।
ऐसे में जगह की कमी के बावजूद जबरन विधायक कार्यालय के लिए दिल्ली सरकार ने जगह मुहैया कराई है। उन्होंने कहा कि एनडीएमसी अमेंडमेंट एक्ट 2010 के तहत कार, मकान ड्राइवर व अन्य कोई भी सुविधा चुने हुए प्रतिनिधि को नहीं दी जा सकती है। क्योंकि इन सुविधाओं के कारण विधायक का पद लाभ के पद के दायरे में आ जाता है।

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