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व्यापमं घोटालाः दिग्विजय ने कहा ठगे गए लोगों को गवाह बना चीटर्स को पकड़े CBI

दिग्विजय सिंह ने कहा है कि व्यापमं घोटाले में सीधे जुड़े लोगों को बचाने की नीयत से बड़ी संख्या में इस घोटाले में ठगे गये लोगों को आरोपी बनाकर जांच में रायता फैलाया गया है।

Author भोपाल | April 22, 2016 10:10 PM
Digvijaya Singh, Digvijaya Singh Zakir Naik, Digvijaya Zakir Naik Video, Digvijaya Singh News, Digvijaya Singh Latest news, Rajanth Singh meet Pragya Thakur, Digvijaya Ranath Singhकांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह। (पीटीआई फाइल फोटो)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार और STF पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंह ने कहा है कि व्यापमं घोटाले में सीधे जुड़े लोगों को बचाने की नीयत से बड़ी संख्या में इस घोटाले में ठगे गये लोगों को आरोपी बनाकर जांच में रायता फैलाया गया है। उन्होंने सीबीआई से इस मामले में ठगे गये लोगों को सरकारी गवाह बनाकर ठगों को पकड़ने की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव ने आज यहां CBI कार्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा, “व्यापमं घोटाले में मध्यप्रदेश सरकार और STF ने दलालों, स्कोरर, अधिकारियों और मंत्रियों को बचाने की नीयत से इस मामले में ठगे गये करीब 3,500 लोगों को आरोपी बनाकर जांच में रायता फैला दिया।” उन्होंने कहा कि अब इस मामले की जांच की रही CBI को दलालों, स्कोरर तथा इनका साथ देने वाले सरकारी अधिकारियों को पकड़ने में ध्यान लगाना चाहिये।

दिग्विजय ने कहा, “मैं शुरू से इस बात को कहता रहा हूं कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिये मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों की भर्तियों के इस घोटाले में जो लोग ठगे गये हैं, उन्हें सरकारी गवाह बनाना चाहिये और दलाल, स्कोरर, सरकारी अधिकारी जैसे घोटाले के चीटरों को आरोपी बनाया जाना चाहिये।”

कांग्रेस नेता सिंह ने उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निज सचिव प्रेमप्रसाद को अब तक न तो आरोपी बनाया गया है और न ही उनसे किसी जांच एजेंसी ने कोई पूछताछ की है, जिनकी बेटी का मेडिकल कॉलेज में प्रवेश व्यापमं घोटाले में शामिल लोगों की मदद से हुआ था।

उन्होंने कहा, “व्यापमं मामले में 3,500 लोगों को आरोपी बनाकर मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल ने मामले में रायता फैलाने का काम किया है।” जांच एजेंसी को ठग और ठगी में फर्क करना चाहिये था। उन्होनें सीबीआई को सुझाव दिया कि मामले में ठग लोगों को सरकारी गवाह बनाकर उनके खिलाफ सबूत हासिल कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिये।

सिंह ने आरोप लगाया कि व्यापमं मामले में एसटीएफ के अधिकारियों ने भयंकर लूट मचाई और लोगों से वसूली की है। उन्होंने बताया कि किसी सूची में 15 लोगों के नाम थे तो एसटीएफ ने पांच को गिरफ्तार किया, पांच को गवाह बनाया और पांच को छोड़ दिया। उन्होंने जांच में भेदभाव करने वाले एसटीएफ अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने की मांग की।

उन्होंने सीबीआई द्वारा हरियाणा शिक्षक जांच भर्ती घोटाले की जांच का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें सीबीआई ने ओमप्रकाश चौटाला सहित घोटाले में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जबकि ठगे गये एक भी शिक्षक को गिरफ्तार नहीं किया। व्यापमं मामले में ठगे गये लोग सलाखों के पीछे बंद है और ठग बाहर खुले घूम रहे हैं।

सीबीआई को उनके द्वारा सौंपी गई पेन ड्राइव के सवाल सिंह ने दावा किया कि उसके तथ्यों को परीक्षण कराया था। अब जांच एजेंसी के पास हार्ड डिस्क है तो वह उससे उसका मिलान कर निष्कर्ष पर पहुंच सकती है।

मध्यप्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता को अनुचित ढंग से हाथ लगाने की कथित घटना के वीडियो के सवाल पर उन्होंने कहा, “क्या गौर साहब को आप नहीं जानते वह कृष्ण भगवान के वंशज हैं।”

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