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दिल्ली पुलिस को अपने ही कर्मियों के खिलाफ मिलीं 70 हजार से ज्यादा शिकायतें, लेकिन सिर्फ 535 की हुई जांच

दिल्ली पुलिस ने बताया कि वर्ष 2016 में उसे 19,660 शिकायतें मिलीं मगर जांच हुई 160 शिकायतों की और 126 कर्मियों को निलंबित किया गया है।

Author March 19, 2017 1:37 PM
दिल्ली पुलिस के जवान।

दिल्ली पुलिस को बीते तीन बरस में अपने ही कर्मियों के खिलाफ 70 हजार से ज्यादा शिकायतें मिलीं, लेकिन जांच केवल 535 मामलों में की गई और इस दौरान विभाग ने 488 कर्मियों को निलंबित किया जबकि लगभग 40 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। वर्ष 2014, 2015 और 2016 में दिल्ली पुलिस को 70724 शिकायतें मिलीं लेकिन उसने महज 535 शिकायतों पर ही जांच शुरू की। दिल्ली के आरटीआई कार्यकर्ता युसूफ नकी ने आरटीआई आवेदन दायर कर दिल्ली पुलिस से तीन वर्षों में पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ आई शिकायतों के बाबत जानकारी मांगी थी। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा था कि कितनी शिकायतों पर जांच की गई और कितने कर्मचारियों को निलंबित या बर्खास्त किया गया।

आरटीआई आवेदन के जवाब में दिल्ली पुलिस के 35 महकमों ने उक्त जानकारी दी है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि वर्ष 2016 में उसे 19,660 शिकायतें मिलीं मगर जांच हुई 160 शिकायतों की और 126 कर्मियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने 12 कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

वर्ष 2015 में पुलिस को 25901 शिकायतें मिलीं लेकिन छानबीन केवल 191 शिकायतों पर ही शुरू की गई और 157 कर्मचारियों को निलंबित किया गया, जबकि पांच कर्मियों को सेवा से बाहर कर दिया गया। वर्ष 2014 में उसे 25163 शिकायतें मिलीं जबकि जांच 184 शिकायतों पर की गई और 205 कर्मचारियों को निलंबित किया गया और 23 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया।

दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि 1020 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच लंबित है। आरटीआई के मुताबिक, ये शिकायतें ड्यूटी से गैर हाजिर रहने, लापरवाही, भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों में संलिप्तता को लेकर हैं।

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एवं अपराध शाखा में उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि पुलिस कर्मियों के खिलाफ आने वाली शिकायतों पर पंजाब पुलिस नियमों के मुताबिक जांच अधिकारी नियुक्त किया जाता है और शिकायत में अगर कार्रवाई करने लायक जानकारी होती है तो उसपर जांच की जाती है।

उन्होंने कहा कि निम्न अधीनस्थ कर्मियों जैसे कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल के लिए जांच अधिकारी विभागीय जांच में इंस्पेक्टर रैंक के होते हैं और उच्च अधीनस्थ अधिकारियों जैसे सहायक सब इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के लिए एसीपी रैंक के होते हैं। इंस्पेक्टर और इससे उपरी रैंक के अधिकारियों के लिए उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आदि होते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हमारे पास ज्यादातर शिकायतें भ्रष्टाचार संबंधित आती है। इसकी जांच सतर्कता इकाई करती है।

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