ताज़ा खबर
 

नोटों को बंद के फैसले को ममता ने कहा Heartless, धन वापसी को लेकर मोदी को बताया नाटकबाज

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों को हटाने के केन्द्र के फैसले को ‘‘निर्मम एवं बिना सोच समझकर’’ किया गया फैसला बताया जिससे ‘‘वित्तीय दिक्कतें’’ होंगी।

Author कोलकाता | Updated: November 9, 2016 10:46 AM
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों को हटाने के केन्द्र के फैसले को ‘‘निर्मम एवं बिना सोच समझकर’’ किया गया फैसला बताया जिससे ‘वित्तीय दिक्कतें’ होंगी।  ममता ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने पीएम मोदी के इस फैसले को हर्टलेस करार दिया। ममता ने मोदी सरकार पर ‘‘विदेश से काला धन वापस लाने में नाकामी से ध्यान हटाने के लिए नाटक करने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने कई ट्वीट करके कहा कि इस कठोर फैसले को वापस लिया जाए। मैं कालेधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हूं, लेकिन आम लोगों तथा छोटे कारोबारियों के बारे में गहराई से चितिंत हूं। वे कल सामान कैसे खरीदेंगे? यह वित्तीय अव्यवस्था और आपदा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अमीरों से विदेश में जमा कालाधन वसूलने का वादा नहीं पूरा कर पाए इसलिए इस नाकामी से ध्यान हटाने के लिए नाटक किया गया।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन और जाली नोट पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए आठ नवंबर की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए  हैं। पीएम मोदी ने अचानक से देश को संबोधित करते हुए यह एलान किया। उन्‍होंने यह मुद्राएं कानूनी रूप से अमान्‍य होगी। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट कागज के टुकड़े के समान रह जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि पिछले दशकों से हम यह अनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्‍टाचार और कालाधन ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। देश से गरीबी हटाने में भ्रष्‍टाचार और कालाधन सबसे बड़ी बाधा है। एक तरफ तो हम विश्‍व में आगे बढ़ने वाले देशों में शामिल है लेकिन दूसरी ओर भ्रष्‍टाचार के मामले में हम 76वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह दर्शाता है कि भ्रष्‍टाचार किस तरह फैला हुआ है। कुछ वर्ग गरीबों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे वे फलते-फूलते रहे हैं। वहीं देश के करोड़ों लोगों ने ईमानदारी को जीकर दिखाया है। पीएम ने कहा कि 100, 50, 20, 10, 5, 2 और 1 रुपया जारी रहेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories