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उपचुनाव में कांग्रेस के साथ तालमेल नहीं करेगी माकपा

तमलुक और कूचबिहार लोकसभा सीटों के उपचुनाव में माकपा कांग्रेस के साथ गठजोड़ नहीं करेगी।

Author कोलकाता | September 30, 2016 2:27 AM

तमलुक और कूचबिहार लोकसभा सीटों के उपचुनाव में माकपा कांग्रेस के साथ गठजोड़ नहीं करेगी। बताया जाता है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन या तालमेल को लेकर माकपा के घटक दल नाराज रहे हैं और विधानसभा चुनाव में दल के तीसरे स्थान पर पहुंचने के बाद वाममोर्चा में माकपा की हालत खराब हुई है, इसलिए कहा जा रहा है कि वाममोर्चा की ओर से घटक दलों को साथ लेते हुए कांग्रेस से अलग होकर ही चुनाव लड़ना होगा। मालूम हो कि 30 सितंबर से राज्य में पश्चिम बंगाल माकपा का दो दिवसीय सम्मेलन शुरू होने जा रहा है।
बताया जाता है कि माकपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से इसके पहले ही चेतावनी दे दी है कि उपचुनाव में घटक दलों को साथ लेकर वाममोर्चा चुनाव करेगा। पश्चिम बंगाल कमेटी के कुछ नेता कांग्रेस के साथ तालमेल करके चुनाव लड़ने की फिराक में थे। बताया जाता है कि ऐसे नेताओं को भारी झटका लगा है।

तमलुक में तृणमूल कांग्रेस के सांसद शुभेंदु अधिकारी ने हाल में अपने सांसद पद से इस्तीफा दिया है, जबकि कुचबिहार के तृणमूल कांग्रेस की सांसद रेणुका सिन्हा का 17 अगस्त को दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया था। इससे दोनों सीटें खाली हो गई हैं और वहां उपचुनाव होना है। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि दोनों लोकसभा सीटों का उपचुनाव कब होगा। सूत्रों का कहना है कि साल के अंत तक चुनाव हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी व पार्टी नेता प्रकाश करात कांग्रेस और दल के सांगठनिक सम्मेलन के मंजूर किए गए राजनीतिक फैसले की बात ही कह सकते हैं। पार्टी लाइन के मुताबिक कांग्रेस के साथ किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जा सकता है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कई बार साफ किया जा चुका है कि पार्टी लाइन के मुताबिक ही बंगाल माकपा को चलना होगा।

सूत्रों का कहना है कि विशाखापत्तनम में पार्टी कांग्रेस और कोलकाता में दल के सांगठनिक प्लेनम में लिए गए राजनीतिक फैसले पर क्यों नहीं चला जा रहा है, इस बारे में केंद्रीय कमेटी सवाल पूछ सकती है। माना जा रहा है कि कांग्रेस के साथ तालमेल को लेकर एक बार फिर सूर्यकांत मिश्र और विमान बसु जैसे नेताओं को कट्टरपंथी नेताओं के दबाव का सामना करना पड़ सकता है।

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