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बकरीद पर कुर्बान किए गए जानवरों की ‘तेरहवीं’ मना रहे थे गौरक्षक, पुलिस ने रोका

पुलिस को व्हाट्सऐप पर शेयर किए जा रहे "तेरहवीं" के न्योते से कार्यक्रम की खबर लगी।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (Express Photo)

महाराष्ट्र पुलिस ने हाल ही में कथित गौरक्षकों द्वारा बकरीद पर बलि दिए गए जानवरों की “तेरहवीं” मनाने से रोक दिया। पुलिस के अनुसार बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ता यवतमाल जिले वसंद नगर इलाके में “गायों की मौत पर शोक” जताने के लिए इकट्ठा हुए थे। कथित गौरक्षकों ने पितृपक्ष को देखते हुए हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मारे गये जानवरों की तेरहवीं करना चाहते थे।

पुणे की कट्टरवादी संस्था समस्त हिंदू अगाड़ी के मिलिंद एकबोटे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। महाराष्ट्र पुलिस को व्हाट्सऐप पर “तेरहवीं” के निमंत्रण बांटे जाने की खबर मिल गयी। पुलिस टीम ने आयोजकों से कार्यक्रम रोकने और वहां लगे टेंट वगैरह हटाने के लिए कहा। मिलिंट एकबोटे साल 2014 में शिव सेना के टिकट पर विधान सभा चुनाव लड़ चुके हैं। पुलिस के अनुसार एक सितंबर को मिलिंद की बकरीद के लिए बकरे लेकर जा रहे लोगों से विवाद हो गया था। मिलिंद ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे कुछ नहीं मिला। पुलिस ने मिलिंट को चेतावनी देकर छोड़ दिया।

मिलिंद ने दावा किया कि उसने गायों की तस्करी के बारे में सूचना दी थी लेकिन पुलिस ने उस पर कार्रवाई नहीं की। मिलिंट के अनुसार दो गायों की “तेरहवीं” कर रहे थे। पुलिस एडीजी बिपिन बिहारी ने कहा कि पुलिस ने व्हाट्सऐप मैसेज देखते ही त्वरित कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार उसने राज्य भर के स्वघोषित गौरक्षकों की लिस्ट तैयार की है और इसे जल्द पूरे सूबे में साझा किया जाएगा। लिस्ट में शामिल कथित गौरक्षकों पर पुलिस नजर रखेगी। पुलिस ने कहा है को मुस्लिम कारोबारियो का उत्पीड़न रोकने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी करने की योजना बना रही है।

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