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सेकंड्स में आएंगे कोरोना जांच के नतीजे, अंबानी की कंपनी इजराइल से लाएगी एक्सपर्ट्स, भारत में टेस्टिंग किट्स बनवाएगी रिलायंस

ब्रेथ एनालाइजर की तरह काम करेगी जांच प्रणाली, जनवरी में आरआइएल ने की थी डील, उपकरण आते-आते देश कोरोना की दूसरी लहर से है पस्त।

कोरोना वायरस टेस्ट के दौरान महिला का सैंपल लेता हेल्थ वर्कर। (फोटोः पीटीआई)

मशीन के अंदर सांस फूंकते ही सेकेंडों में पता चल जाएगा कि व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है या निगेटिव। यह प्रणाली मुकेश अम्बानी की कंपनी रिलायंस इंडिया लिमिटेड ने डेढ़ करोड़ डालर में खरीद ली है। यह प्रणाली एक इज़रायली स्टार्टप ने विकसित की है। प्रणाली की स्थापना और भारतीयों को ट्रेनिंग देने के लिए इज़रायली एक्सपर्ट्स को भारत बुलाया जाना है। इसके लिए रिलायंस ने भारत सरकार से अनुमति मांगी है। रिलायंस ने यह डील जनवरी में उस समय की थी, जब कोरोना शांत-सा था।

इस प्रणाली के उपकरण भारत आ चुके हैं। लेकिन इसकी स्थापना के लिए इजरायल से एक्सपर्ट बुलाने पड़ेंगे। ये एक्सपर्ट इन्स्टॉल करने के अलावा भारतीयों को ट्रेनिंग भी प्रदान करेंगे। इजरायली एक्सपर्ट्स के आने में थोड़ा उलझाव इसलिए है कि इजरायल ने कोरोना काल में जिन देशों को उड़ाने बंद कर रखी हैं उनमें भारत भी है। संभवतः इन एक्सपर्ट्स को लाने के लिए भारत सरकार या रिलायंस को खुद व्यवस्था करनी पड़ेगी।

इस प्रणाली और उपकरण बनाने वाली कंपनी का नाम ब्रेथ ऑफ हेल्थ है। दोनों कंपनियों के बीच हुई डील के अनुसार रिलायंस डेढ़ करोड़ डालर में कोविड जांच सिस्टम की सैकड़ों किट खरीदेगा। फिर इन किट्स से दसियों लाख लोगों के कोविड संक्रमण की जांच हो सकेगी। इसकी जांच की लागत एक करोड़ डालर प्रतिमाह आएगी।

इस प्रणाली की सबसे बढ़िया बात जांच में आसानी है। जैसे ट्रैफिक वाले ब्रेथ एनालाइज़र में फूंक मरवा कर दारूबाजों को पकड़ते हैं वैसे ही इस प्रणाली में भी एक फूंक मारते ही कुछ सेकेंड के अंदर मालूम पड़ जाएगा कि कोरोना संक्रमण है या नहीं।

बताते चलें कि उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश को कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है जिसके बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह अधिक खतरनाक हो सकती है, खासकर बच्चों के लिए। इसने ऑक्सीजन का ‘बफर स्टॉक’ तैयार किए जाने पर जोर दिया।इसने केंद्र से कहा कि वह अगले आदेशों तक दिल्ली की 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति में कमी न करे तथा समूचे देश की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कवायद को तर्कसंगत बनाना सुनिश्चित करे।

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