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ब‍िहार: नीतीश कुमार के मंत्री ने ‘वसूली” के ल‍िए फैक्‍ट्री पर खुद बोल द‍िया धावा, तालाबंदी कर गुजरात लौटा मालिक

2005 विधानसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग के आला अधिकारी जे के राव के आदेश पर इनको पुलिस ने पोलिंग बूथ लूटते रंगे हाथ पकड़ा था।

Author Updated: March 28, 2017 3:53 PM
बिहार सरकार ने अप्रैल 2016 में राज्‍य में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का आदेश दिया था। (फोटो- एजेंसी)

मंत्री महोदय स्वभाव से ही मनबढ़ु हैं। केवल ”पुरनका राजा” के सामने नतमस्तक रहते हैं। उन्हीं की कृपा व कोटे से लाल बती मिली है। 2005 विधानसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग के आला अधिकारी जे के राव के आदेश पर इनको पुलिस ने पोलिंग बूथ लूटते रंगे हाथ पकड़ा था। इनकी गाड़ी से विदेशी शराब की कई बोतलें भी मिली थीं। तब बड़े भ्राता केन्द्र में लाल बती वाली कार में चलते थे। उनका रौब दिखाकर पुलिस से गाली गलौज करने लगे। जब सरेआम बाॅंस के बकुली से पुरकस पिटाई हुई तो दिमाग ठंडा हुआ था। पिटाई के उस दृश्‍य को कुछ टीवी चैनलवालों ने दिखाया भी था।

एक युग बाद भगवान ने छप्पड़ फाड़ कर दे दिया। निठाह पद मिला। पर पुरानी आदत यथावत। विधानसभा में जब किसी सवाल का जबाब देते हैं तो ऐसा आभास होता है मानो प्रश्नकर्ता विधायक को डाट रहें हों। एक बार एक बरिष्ठ मंत्री ने उनको शुद्ध हिंदी में सदन में समझाया भी कि ‘ठीक से बोलो, जुबान पर काबू रखो’। पर माननीय अभी तक सुधरे नहीं हैं। कहावत है आदमी का नेचर व सिगनेचर नहीं बदलता है। हाल ही में लाव लस्कर के साथ पाटल‍िपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया स्थित डायमंड प्रोसेसिंग एंड कटिंग फैक्टरी में पहुॅंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पागलों की तरह चिल्लाने लगे ‘‘मालिक कहाॅं है? जल्दी बुलाओ? यहां मजदूरों का बहुत शोषण होता है’’। वहाॅं तैनात एक कर्मी ने गरजते मंत्री को अनार का जूस पिलाकर ठंडा किया। पता चला कि मोटा माल के लिए बमक रहे हैं। फैक्टरी से ही किसी ने सीएम आवास में फोन लगाकर मंत्री की ‘सरप्राइज विजिट’ के पीछे के कारण के बारे में व‍िस्तार से बता दिया। माजरा नीतीश कुमार के कान में गया। कुछ हीे देर के बाद ‘शेर रूपी’ मंत्री को लोगों ने सियार की शक्ल बनाकर फैक्टरी से उड़ान थामते देखा। लेकिन सूचना है कि मालिक पर दबाव बनाया जा रहा था कि माल डाउन करो, नहीं तो लेबर एक्ट में केस ठोंकवाकर छठी का दूध याद दिला दिया जाएगा। बेचारा मैनेजर फैक्टरी में ताला लगाकर अपने 150 कारीगरों के साथ वापस सूरत लौट गया।

इस फैक्टरी का विधिवत उदघाटन सीएम नीतीश कुमार ने 16 मई 2013 को किया था। सूरत के रहनेवाले नामचीन हीरा व ज्वैलरी ब्यवसायी तथा श्रीनूज एण्ड कम्पनी के एक्सक्यूटिव डाइरेक्टर विशाल दोषी ने दावा किया था कि इसमें 1500 बिहारी लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने जानकारी शेयर की थी कि डायमंड कारोबार में कि‍टिंग करने वाले कुशल कारीगरों में 30 प्रतिशत बिहारी हैं। उदघाटन समारोह में नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए लालू प्रसाद यादव पर तंज कसा था, ‘‘ कुछ लोग कहते हैं कि बिहार में एक सुई की भी फैक्टरी नहीं लगी है, वो आॅंख खोलकर देखें कि गुजरात के डायमंड मैगनेट यहाॅं फैक्टरी लगा रहे हैं।’’

ठीक इसी तरह बड़े ही ताम झाम के साथ सीएम नीतीश कुमार ने 17 जूलाई 2010 को फतुहा में सोनालिका ट्रैक्टर के यूनिट का उदघाटन किया था। सोनालिका ग्रुप आफ कम्पनी के मालिक एल डी मित्तल ने दावा किया था कि जल्द ही यहां से प्रतिदिन 100 ट्रैक्टर निकलेगें। 25 नवम्बर 2012 को मित्तल ने घोषणा की कि तुरन्त ही 100 करोड़ रूपया बिहार यूनिट में इनभेस्ट किया जाएगा। खबर लिखने तक एक छेदाम भी इनवेस्ट नहीं हुआ है। 26 एकड़ जमीन पर फसल लहलहा रही है। कम्पनी के एक मुलाजिम ने जनसता.काम को बताया ‘‘हमलोग अब बिहार से भागने का मन बना चुके हैं। मंत्री स्वयं फोन करके धमकाता है कि काम शुरू करने से पहले उसके आवास पर हाथी छाप कागज की गड्डी पहुच जानी चाहिए, नहीं तो उपर से तीन इंच छोटा कर देगें’’।

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