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यूपी के मेरठ में कोरोना से बुरा हाल, बेड नहीं मिला तो अपनी चारपाई लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र वशिष्ठ शर्मा का कहना है कि जिस खाट पर उनके पिता लेटे हैं, वह इमरजेंसी वार्ड में दो कमरों के बीच एक गलियारे में है। उन्होंने कहा कि हम भाग्यशाली थे कि हमें बेड मिल गया।

May 12, 2021 8:59 AM
उत्तर प्रदेश में कोरोना का कहर लगातार जारी है (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

भारत में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी कोरोना से बुरा हाल है। अस्पताल में ऑक्सीजन, बेड, दवा और एंबुलेंस तक की कमी देखने को मिल रही है। लोगों को अस्पतालों में अगर बेड नहीं मिल रहा है तो वो अपनी चारपाई लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

मेरठ उत्तर प्रदेश में कोरोना से संक्रमित जिलों की लिस्ट में ऊपर से है। यहां 1,368 नए मामलों के साथ संक्रमितों की कुल सक्रिय संख्या 13,941 हो गई है। लेकिन लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल की हालत काफी बदतर है। वार्ड के अंदर की हालत ये है कि फोल्डिंग खाट लेकर मरीज स्वयं आ रहे हैं। छत में लटका पंखा काम नहीं कर रहा है। साथ ही छत से कई जगहों पर पानी टपक रहा है। शौचालय की बदबू से वार्ड में लोग परेशान हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र वशिष्ठ शर्मा का कहना है कि जिस खाट पर उनके पिता लेटे हैं, वह इमरजेंसी वार्ड में दो कमरों के बीच एक गलियारे में है। उन्होंने कहा कि हम भाग्यशाली थे कि हमें बेड मिल गया। यहां हालात इतने खराब हैं, मरीज अस्पताल के फर्श पर चादर बिछाकर लेटे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अपने पिता को 28 अप्रैल को भर्ती करवाया था। लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है।

कुछ बेड को आपातकालीन क्षेत्र के कोनों में फिट कर दिया गया है, या नियमित बेड के बीच रखा गया है। अस्पताल कोविड के दिशानिर्देशों को लागू करने में असमर्थ है। वार्ड की हालत यह है कि एक 34 वर्षीय मरीज अपने एक्स-रे कॉपी का उपयोग पंखा के रूप में कर रहा है।

अस्पताल में 370 ऑक्सीजन बेड और 140 आईसीयू बेड हैं, जो कि पूरा भरा हुआ है। पिछले 24 घंटों में, मेरठ जिले में 15 लोगों की मौत हुई है। अब तक जिले में 601 लोगों की मौत हुई है। जिले में प्रतिदिन औसतन 1,500 मामले आ रहे हैं। मेरठ लखनऊ के बाद दूसरे स्थान पर है।

लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि केस अचानक से बढ़ने लगे हैं। हम स्वास्थ्य कर्मचारियों सहित 200 स्टाफ सदस्यों के साथ प्रबंधन करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जिनमें से 60 से अधिक स्वयं कोविड से पीड़ित हैं। मेरठ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी अखिलेश मोहन का कहना है कि हालात में सुधार हो रहा है। लेकिन अभी कुछ भी कहना मुश्किल है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले सप्ताह में मामलों में गिरावट आएगी। अस्पताल का भार भी कम होगा और ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता बढ़ जाएगी।

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