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राजस्थान में परनामी का फिर से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनना तय

राजस्थान में भाजपा के संगठन चुनाव में जिलों और मंडलों में चली परिपाटी प्रदेश स्तर पर भी निभाने की पूरी तैयारी हो गई है। भाजपा में जिस तरह से मौजूदा जिला अध्यक्षों..

राजस्थान में भाजपा के संगठन चुनाव में जिलों और मंडलों में चली परिपाटी प्रदेश स्तर पर भी निभाने की पूरी तैयारी हो गई है। भाजपा में जिस तरह से मौजूदा जिला अध्यक्षों को फिर से पद दिया गया है उससे अब यह साफ है कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ही फिर से पार्टी की कमान संभालेंगे। परनामी के अलावा पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष का दूसरा कोई दावेदार भी सामने नहीं आया है।

राज्य भाजपा के संगठन चुनाव अब अंतिम दौर में पहुंच गए हैं। पार्टी के जिलों में चुनाव पूरे होने के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है। प्रदेश चुनाव अधिकारी श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी अविनाश राय खन्ना जल्द ही पर्यवेक्षक तैनात करेंगे। पर्यवेक्षक की मौजूदगी में ही प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया होगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी की दावेदारी सबसे मजबूत है। परनामी अभी तक मनोनीत अध्यक्ष हैं और अब निर्वाचन के बाद उन्हें निर्वाचित अध्यक्ष के तौर पर चुन लिया जाएगा। परनामी जयपुर शहर की आदर्श नगर विधानसभा सीट से विधायक हैं। परनामी के नाम पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पूरी सहमति है। इसके अलावा आरएसएस को भी परनामी के नाम पर कोई एतराज नहीं है। परनामी ने संघ के जरिये ही भाजपा में राजनीति की शुरुआत की है। उनके कार्यकाल में पार्टी ने लोकसभा के अलावा पंचायत राज और शहरी निकायों के चुनाव लड़े हैं।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी में वसुंधरा समर्थकों का खासा दबदबा होने के चलते ही उनका विरोधी खेमा पस्त है। प्रदेश भाजपा में वसुंधरा समर्थक और विरोधी खेमे है। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद तो वसुंधरा समर्थक और मजबूत हो गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष के लिए वसुंधरा विरोधी कोई रणनीति भी नहीं बना रहे हैं। संगठन चुनाव में जिस तरह से जिलों और मंडलों में कोई बड़ा विरोध सामने नहीं आया, उसी तरह से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में विरोध की गुंजाइश ही नहीं है।

वसुंधरा विरोधी खेमे का कहना है कि जिलों में पूरी तरह से एकतरफा चुनाव हुए हैं। प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक लिहाज से 39 जिले हैं इनमें से 31 में चुनाव हो गए हैं। ये सभी मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के साथ ही मुख्यमंत्री समर्थक खेमे के है। इसके चलते परनामी की ताजपोशी तय मानी जा रही है। प्रदेश में 19 और 20 नवंबर को रिसर्जेंट राजस्थान का आयोजन हो रहा है। इसके चलते ही अब प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 20 नवंबर के बाद ही होगा।

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