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AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को जान का खतरा? बोले- नाथूराम गोडसे के समर्थक कर सकते हैं हत्या

एआईएमआईएम चीफ के अनुसार, "उन लोगों को कश्मीरियों से नहीं बल्कि कश्मीर से प्यार है। उन्हें सिर्फ अपनी ताकत की चिंता है, न कि न्याय और सेवा की। क्या वहां अनुच्छेद 19 लागू नहीं होता? क्या यह आपातकाल है?

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी जान को लेकर खतरा बताया है। बुधवार (14 अगस्त, 2019) को आशंका जताते हुए कहा है कि नाथूराम गोडसे (राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे) के समर्थक उनकी हत्या कर सकते हैं।

ओवैसी के अनुसार, “उन लोगों को कश्मीरियों से नहीं बल्कि कश्मीर से प्यार है। उन्हें सिर्फ अपनी ताकत की चिंता है, न कि न्याय और सेवा की। क्या वहां अनुच्छेद 19 लागू नहीं होता? क्या यह आपातकाल है? जो बीजेपी का समर्थन करते हैं, उन्हें इंटरनेट कनेक्शन और परिवहन के लिए हेलीकॉप्टर मुहैया कराया जा रहा है। क्या आप 80 लाख लोगों को फोन पर बात भी नहीं करने देंगे?…यह सरकार संविधान भूल चुकी है।”

खुद पर लगे आरोपों पर कि वह जम्मू-कश्मीर में अफवाहें फैलाने में पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं, ओवैसी ने कहा- मुझे लगता है, मुझे एक दिन गोली मार दी जाएगी। मुझे यकीन है कि यह काम गोडसे के समर्थक करेंगे। वे मेरी भी महात्मा गांधी की तरह हत्या कर डालेंगे। पर मैं बता दूं कि मेरा पाक से कुछ भी लेना-देना नहीं है।

वहीं, अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर जुबानी वार किया है। उन्होंने कहा है कि जम्मू और कश्मीर में गलत तरीके से अचुन्छेद 370 हटाया गया है। ऐसे में पीएम को संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

ओवैसी ने आगे बोले, “सरकार ने जिन भी लोगों को गिरफ्तार किया है, उन्हें फौरन रिहा किया जाना चाहिए। घाटी में तकरीबन 80 लाख लोगों को परिजन को फोन भी नहीं करने दिया जा रहा है।” यह आरोप लगाते हुए एआईएमआईएम चीफ ने बताया कि भगवा पार्टी वाली सरकार कश्मीर में गैर-मुस्लिम सीएम चाहती है और उसे कश्मीरियों से नहीं बल्कि जम्मू और कश्मीर से प्यार है।

अनुच्छेद 35ए पर उन्होंने कहा- मैं सांसद हूं, पर क्या मैं अरुणाचल प्रदेश और लक्षद्वीप जा सकता हूं? मुझे वहां जाने के लिए परमिट लेना पड़ेगा। क्या मैं असम के अनुसूचित इलाकों में जगह-जमीन खरीद सकता हूं…नहीं। मैं नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर और हिमाचल के लोगों को बताना चाहता हूं कि यह चीज वहां भी हो सकती है।

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