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सेब की बागवानी है 1.7 लाख से अधिक परिवारों के लिए आजीविका का साधन: हिमाचल सरकार

हिमाचल प्रदेश में सेब की खेती पर का लगतार विस्तार हुआ है और आज 1.7 लाख से अधिक परिवारों के लिए आजीविका का सधान है।

Author शिमला | July 18, 2016 14:04 pm

हिमाचल प्रदेश में सेब की खेती पर का लगतार विस्तार हुआ है और आज 1.7 लाख से अधिक परिवारों के लिए आजीविका का सधान है। प्रदेश में 1,09,533 हेक्टेयर सेब के बाग फैले हैं। प्रदेश में फलों की खेती बाड़ी के कुल क्षेत्र में अकेले 49 प्रतिशत सेब के बागों वाले क्षेत्र हैं।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में सेब का रकबा 1950-51 के दौरान 40 हेक्टेयर होता था। दायरा 1960-61 में यह बढ़कर 3,025 हेक्टेयर हो गया। सेबों के बाग में इस तरह क्रमिक विस्तार होता गया और आज फलों के कुल क्षेत्र का करीब 49 प्रतिशत इलाका सेब के अंतर्गत है।

विविधीकृत कृषि-जलवायु परिस्थितियों, धरातल के स्वरूप में वैभिन्य, के साथ-साथ मृदा की गुणवत्ता राज्य में सेब की खेती के लिए उपयुक्त है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सरकार की लगातार कोशिश के बीच सेब की खेती का दायरा बढ़ा है और शिमला, कुल्लू, किन्नौर, मंडी, चंबा तथा सिरमौर जिले और अब लाहौल-स्पीति जैसे आदिवासी बहुल जिलों में भी सेब की खेती प्रमुख तौर पर होती है। लोग बड़े पैमाने पर सेब की खेती करते हैं।

उसने कहा, ‘‘राज्य की सालाना 3,500 करोड़ रच्च्पए की सेब अर्थव्यवस्था न सिर्फ इसके बागवानी क्षेत्र की रीढ़ है बल्कि दूसरे राज्यों के ट्रांसपोर्टर, कार्टन विनिर्माता, नियंत्रित तापमान वाले स्टोर- कोल्ड चेन स्टोर, थोकमूल्य फल विक्रेता, फल प्रसंस्करण इकाइयों आदि से जुड़े हजारों लोगों के हित भी इससे जुड़े हैं।

अधिकारी ने कहा कि सेब की खेती में इस क्षेत्र के लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है और लोगों की जीवनशैली बहुत बेहतर हुई। सरकार लोगों को ज्यादा उपज देने वाली सेब की किस्में मुहैया करा रही है और उत्पादकों को बेहतर विपणन बुनियादी ढांचा मुहैया करा रही है।

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