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उत्तर प्रदेश सरकार पर माफिया तत्वों को संरक्षण देने का आरोप

बुलंदशहर बलात्कार कांड जैसी ही घटना दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में घटित होने का मुद्दा उठाते हुए लोकसभा में गुरुवार को भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार पर माफिया और असमाजिक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

बुलंदशहर बलात्कार कांड जैसी ही घटना दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में घटित होने का मुद्दा उठाते हुए लोकसभा में गुरुवार को भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार पर माफिया और असमाजिक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। भाजपा सदस्य ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाया और कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राजनीति का अपराधीकरण कर दिया है और प्रदेश सरकार आपराधिक तत्वों को संरक्षण प्रदान कर रही है। उधर, इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने बुलंदशहर सामूहिक बलात्कार कांड की सीबीआइ जांच का आदेश देने के आग्रह के साथ दाखिल याचिका के सिलसिले में याची से इस मामले में चल रही पुलिस जांच में अनियमितता का शुक्रवार तक ब्योरा मांगा है। यह आदेश गुरुवार को न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही और न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी की पीठ ने दिया।

सदन में मौजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव समेत पार्टी के अन्य सदस्यों ने आदित्यनाथ के आरोपों का पुरजोर विरोध किया। आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्ता के अपराधीकरण की सीबीआइ से जांच कराई जानी चाहिए।
इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुलंदशहर बलात्कार कांड के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा दोहराते हुए विपक्षी दलों पर राजनीतिक लाभ के लिए पीड़ित परिवार के लोगों को ‘समझाने-बुझाने’ का आरोप लगाया है। अखिलेश ने यहां कहा, ‘घटना दुखद है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मगर सवाल यह भी है कि भाजपा और अन्य (विपक्षी दल) पीड़ितों को क्या समझा रहे हैं। राजनीतिक लाभ के लिए।’
मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम से इतर संवादाताओं से कहा, ‘भाजपा और अन्य पीड़ितों को बंद कमरे में क्या समझा रहे हैं। आप लोगों को इसे भी देखना चाहिए। वे पीड़ितों से क्या कह रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यदि वे (पीड़ित) चाहें तो मैं सीबीआइ जांच के लिए तैयार हूं। मैं उनकी सहायता करना चाहता हूं।’

अखिलेश ने यह भी याद दिलाया कि बदायूं में दो चचेरी बहनों के साथ बलात्कार मामले को उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए किस तरीके से बढ़ा चढ़ा कर प्रचारित किया गया था। इस बीच बुलंदशहर कांड को लेकर समाजवादी पार्टी सरकार पर विपक्षी दलों का हमला जारी है। भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के साथ बुधवार को गाजियाबाद जाकर पीड़ितों से मुलाकात की थी और मामले की सीबीआइ जांच की मांग की थी। कांग्रेस की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित ने भी गुरुवार को पार्टी के अन्य नेताओं के साथ पीड़ितों से मुलाकात की।

उधर, इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने बुलंदशहर सामूहिक बलात्कार कांड की सीबीआइ जांच का आदेश देने के आग्रह के साथ दाखिल याचिका के सिलसिले में याची से इस मामले में चल रही पुलिस जांच में अनियमितता का शुक्रवार तक ब्योरा मांगा है। यह आदेश गुरुवार को न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही और न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी की पीठ ने दिया। याचिका में मामले की सीबीआइ जांच के अलावा राज मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त किए जाने के उपाय करने के लिए भी सरकार को समुचित निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है। यह याचिका ‘वी द पीपुल’ नाम के स्वयंसेवी संगठन के महासचिव और अधिवक्ता प्रिंस लेनिन की तरफ से अदालत की ओर से दाखिल की गई है। लेनिन ने कहा कि राज मार्गों पर सुरक्षित यातायात के लिए रात को सुरक्षा व्यवस्था चुस्त किया जाना जरूरी है।

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