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7th Pay Commission: कर्मचारियों पर खर्चे को कम करने की कवायद, केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में गैरजरूरी खर्च में हुई कटौती

7th Pay Commission: फिलहाल सरकार की तरफ से सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में गैरजरूरी खर्च में 20 फीसदी तक की कमी करने का फैसला लिया गया है।

7th Pay Commission: केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में गैरजरूरी खर्च में कटौती की जा रही है (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

कोरोना संकट के कारण देश की अर्थव्यवस्था काफी कमजोर हो गयी है। सरकार की तरफ से अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए जद्दोजहद जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में गैरजरूरी खर्च में कटौती करने का निर्णय लिया है।

फिलहाल सरकार की तरफ से सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में गैरजरूरी खर्च में 20 फीसदी तक की कमी करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत केंद्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों के चाय-स्नैक्स से लेकर हवाई यात्रा तक में कटौती हुई है। हालांकि इस फैसले में कोरोना महामारी के रोकथाम के लिए होने वाले कार्यों को अलग रखा गया है। इस मामले पर सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 18 जून को एक आदेश जारी किया है। इसके तहत सेमीनार आदि में चाय, स्नैक्स, आदि में होने वाले खर्च में कमी लाने के लिए कहा गया है।

हालांकि श्रम मंत्रालय ने कहा है कि सरकार का न्यूनतम वेतन और राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी तय करने में विलंब का कोई इरादा नहीं है। इस तरह कि खबरें आई थीं कि इस मुद्दे पर तीन साल के कार्यकाल वाले विशेषज्ञ समूह के गठन का मकसद न्यूनतम वेतन और राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय करने में विलंब करना है।

इन खबरों के बाद मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण दिया है। इससे पहले इसी महीने मंत्रालय ने घोषणा की थी कि केंद्र ने इस मुद्दे पर प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अजित मिश्रा की अगुवाई में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है। यह समूह न्यूनतम वेतन और मजदूरी तय करने के लिए तकनीकी जानकारी और सिफारिशें देगा। विशेषज्ञ समूह का कार्यकाल तीन साल का है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘मीडिया के कुछ वर्गों में इस तरह की खबरें आई है कि अंशधारकों का मानना है कि यह सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन और राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी तय करने में देरी का प्रयास है।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है। विशेषज्ञ समूह जल्द से जल्द सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगा।’’ इस बीच वित्त मंत्रालय ने शनिवार को जोर देकर कहा कि स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीय ग्राहकों की जमा राशि में 2019 से गिरावट आई है। मंत्रालय ने कहा कि वह स्विस अधिकारियों से इस बारे में तथ्य मांग रहा है। साथ ही उनसे 2020 में व्यक्तियों और इकाइयों द्वारा जमा कराई गई राशि में बदलाव की संभावित वजह की भी जानकारी मांगी गई है।

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