कश्मीर को लद्दाख से हर मौसम में जोड़ने के लिए बनाई जा रही जोजिला सुरंग मंगलवार को आर-पार हो गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला टनल में ब्रेकथ्रू के लिए अंतिम ब्लास्ट किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे।
लेह-श्रीनगर हाईवे पर बनाई जा रही इस 13 किलोमीटर से ज्यादा लंबी टनल का काम पूरा होते ही कश्मीर घाटी लद्दाख से हर मौसम में सड़क के जरिए जुड़ जाएगी। अभी सर्दियों में बर्फबारी की वजह से जोजिला पर आठ से दस फीट तक बर्फ गिरने की वजह से लद्दाख का इलाका देश से कट जाता है।
‘ब्रेकथ्रू’ क्या होता है?
किसी भी सुरंग के निर्माण कार्य में ‘ब्रेकथ्रू’ उस स्थिति को कहते हैं, जब सुरंग की खुदाई दोनों दिशाओं से पूरी हो जाती है और सुरंग दोनों ओर आर-पार के लिए खुल जाती है। जोजिला टनल रिकॉर्ड ऊंचाई पर स्थित दुनिया की सबसे लंबी ‘सिंगल-ट्यूब’ टू लेन वाली सुरंग है। यह अब पूरा होने के करीब है।
‘ब्रेकथ्रू’ के बाद जोजिला सुरंग में सिविल कार्यों में 7-8 महीने और लगेंगे और उसके बाद बिजली का काम शुरू होगा। परियोजना के ‘ऑथोरिटी इंजीनियर’ यूसुफ एशागपुर रहीमाबादी ने बताया कि अब तक कुल कार्य का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है।
क्या चुनौतियां आईं?
जोजिला सुरंग के निर्माण में जुटे इंजीनियरों, मजदूरों और अन्य कर्मचारी यहां बेहद कठिन चुनौतियों के बीच काम कर रहे हैं। यहां श्रमिकों को कड़ाके की ठंड और कम ऑक्सीजन से जुझना पड़ा। इसके अलावा कई जगहों पर कमजोर चट्टानों की वजह से काम की गति भी प्रभावित हुई।

जोजिला टनल से क्या फायदा होगा?
पीएम नरेंद्र मोदी ने साल 2018 में जोजिला टनल का शिलान्यास किया था। 6809 करोड़ रुपये की इस परियोजना का काम फरवरी 2018 में पूरा होने की उम्मीद है। इस टनल के शुरू होने के बाद 3.5 घंटे का सफर 15 मिनट में पूरा होन की उम्मीद है। इसके अलावा यह जोजिला टनल खुद में भी रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। इसके बनने के बाद LAC और LoC पर भारतीय सेना के पहुंच और ज्यादा आसान हो जाएगी।
यह भी पढ़ें: पटनीटॉप के पास बनेगी एक और टू-लेन ट्यूब टनल
उधमपुर जिले में चेनानी-नाशरी रूट पर NHAI एक और टू-लेन ट्यूब टनल बनाने जा रहा है। यह टनल NH-44 पर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल के साथ में बनाई जाएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
