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जाकिर नाइक का NGO अब नहीं ले पाएगा विदेशों से सीधा धन

पिछले महीने गृह मंत्रालय ने एनजीओ और इसके संस्थापक जाकिर नाइक के खिलाफ कई जांच के बावजूद आईआरएफ के एफसीआरए लाइसेंस का नवीकरण किया था।

Author नई दिल्ली | September 13, 2016 9:24 AM
विवादास्पद इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक (Source: Facebook)

कानून के प्रावधान का विरला इस्तेमाल करते हुए सरकार ने विवादास्पद धर्मोपदेशक जाकिर नाइक द्वारा संचालित एक एनजीओ के सीधा विदेशी धन हासिल करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए सोमवार (12 सितंबर) को एक गजट अधिसूचना जारी की और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कहा कि वह इस एनजीओ को कोई भी धन जारी करने से पहले उससे अनुमति ले।गृह मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना में कहा गया है कि इस्लामिक रिसर्च फाउन्डेशन (आईआरएफ) ने विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन किया है और इसलिए ‘कोई भी विदेशी चंदा हासिल करने से पहले केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति हासिल करनी होगी।’सूत्रों ने बताया कि एफसीआरए 2010 की धारा 11 (3) के तहत गजट अधिसूचना जारी करना विरला मामला है और इस तरह का काम आधिकारिक आदेश के जरिए भी किया जा सकता है। 

गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद इस संबंध में फैसला किया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि एनजीओ एफसीआरए के प्रावधानों के खिलाफ गतिविधियां कर रही है।
आरबीआई को अब से एनजीओ के लिए आने वाले सारे धन के बारे में गृह मंत्रालय को जानकारी देनी है और धन आईआरएफ को जारी करने से पहले मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी।
सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने गृह मंत्रालय ने एनजीओ और इसके संस्थापक जाकिर नाइक के खिलाफ कई जांच के बावजूद आईआरएफ के एफसीआरए लाइसेंस का नवीकरण किया था। इनमें से एक जांच गृह मंत्रालय ने भी की थी।इस गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय ने संयुक्त सचिव जी के द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। वह मंत्रालय के विदेशी संभाग के प्रमुख थे, जो एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है। नाइक पर युवाओं का चरमपंथीकरण करने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए आकर्षित करने का आरोप है।

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