मणिपुर में करीबन एक साल बाद बुधवार को राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया है, साथ ही भाजपा मणिपुर विधानसभा दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है।

मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने लोक भवन में युमनाम खेमचंद को शपथ दिलाई है। इसके अलावा, कुकी से भाजपा विधायक नेमचा किपगेन ने वर्चुअल माध्यम से मणिपुर के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक एल. डिखो ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

शपथ लेने के मुख्यमंत्री ने दिया पहला बयान

मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा, “मणिपुर विकसित भारत 2047 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मणिपुर में 36 समुदाय हैं, और हम राज्य में शांतिपूर्ण वातावरण लाने की आशा करते हैं।”

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक नोटिफिकेशन जारी कर तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन को हटाने का ऐलान किया। यह फैसला नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से कुछ घंटे पहले ही लिया गया।

मणिपुर बीजेपी ने इस बात की पुष्टि की एनडीए विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह बुधवार शाम 6 बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सुबह से लेकर इसकी तैयारियां चल रही थीं। मणिपुर बीजेपी ईकाई ने यह जानकारी एक्स पर दी है।

एक्स पर बीजेपी ने लिखा, “युमनाम खेमचंद सिंह का मणिपुर के माननीय मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह आज, 4 फरवरी 2026 को शाम 6:00 बजे लोक भवन में होगा। उनके अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर शांति, विकास और सुशासन के पथ पर अग्रसर होकर राज्य में स्थिरता और प्रगति के एक नए युग का शुभारंभ करेगा।”

राज्यपाल के पास किया था सरकार बनाने का दावा

कुछ घंटे पहले वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व में एनडीए का एक प्रतिनिधिमंडल मणिपुर लोकभवन पहुंचा और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजावल जैसे कुकी समुदाय से आने दो विधायक भी मौजूद थे, इसे राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

62 वर्षीय युमनाम खेमचंद को मंगलवार को नई दिल्ली में हुई विधायक दल की बैठक में बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया, साथ ही एनडीए विधायक दल का भी नेता चुना गया। इससे पहले वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक थोंगम विस्वजीत सिंह ने कहा था कि युमनाम खेमचंद के साथ पांच अन्य विधायक भी मंत्रिपद की शपथ लेंगे।

गौरतलब है मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था। तत्कालीन सीएम एन.बीरेन सिंह ने मई 2023 में शुरू हुई कुकी और मैतई समुदायों के बीच जातीय हिंसा के हालात पर काबू पाने के आरोपों के बीच इस्तीफा दे दिया था। आगे पढ़िए मणिपुर में बीरेन सिंह के आलोचक को सीएम बनाने जा रही बीजेपी, किन चुनौतियों का करना होगा सामना?