अस्पताल के बाहर फूट फूटकर रोई लड़की, बोली- मोदी शाह से पूछना चाहती हूं, यहां लोग मर रहे और तुम रैली कर रहे

भारत में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 3.14 लाख से ज्यादा मामले आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,59,30,965 हो गई। दुनिया के किसी भी देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण का यह सर्वाधिक आंकड़ा है।

CORONA, COVID-19, DELHI, MISSING DATAअंतिम संस्कार के लिए रखे हुए COVID-19 मरीजों के शव। (फाइल फोटो)

एक तरफ कोविड-19 से लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकारी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बेबस, लाचार लोग दर-दर भटकते हुए अपने परिजनों की जान की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें नाकामी के सिवाय कुछ नहीं मिल रहा है। राजधानी दिल्ली की हालत यह है कि अस्पताल के अंदर जितने लोग भर्ती हैं, उससे कहीं ज्यादा बाहर मरीजों का तांता लगा हुआ है।

दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल के बाहर अपनी मां को लेकर पहुंची एक युवती बहुत अनुनय-विनय करके हाथ-पैर जोड़कर अपनी बीमार मां के लिए एक बेड की व्यवस्था की थी, लेकिन वह उन्हें बचा नहीं पाई। सड़क पर अपनी मां के लिए फूट-फूटकर रोते हुए उसने मीडिया से कहा, “मैं मोदी जी, अमित शाह से पूछना चाहती हूं कि लोग यहां मर रहे हैं और आप वहां बंगाल में रैलियां कर रहे हैं। आपको यहां मरते लोग दिखाई नहीं दे रहे हैं।” इसी तरह अपने पिता को लेकर पहुंचे दो भाइयों ने बताया कि वे चार-पांच अस्पतालों का चक्कर लगाकर यहां आए। बड़े मुश्किल से भोर में तीन बजे उन्हें एक बेड मिला। लेकिन तीन दिन तक अंदर रखने के बाद उन्हें बताया गया कि उनके पिता का निधन हो चुका है। अंदर उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं मिला।

भारत में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 3.14 लाख से ज्यादा मामले आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,59,30,965 हो गई। दुनिया के किसी भी देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण का यह सर्वाधिक आंकड़ा है।

दूसरी ओर, अनेक अस्पतालों के ऑक्सीजन की कमी का सामना करने के बीच केंद्र ने चिकित्सीय ऑक्सीजन का निर्बाध उत्पादन और आपूर्ति तथा निर्बाध परिवहन का राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कड़ा आदेश निर्देश दिया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में ऑक्सीजन आपूर्ति की समीक्षा करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की और अधिकारियों से ‘प्राणवायु’ का उत्पादन बढ़ाने, इसके वितरण की गति तेज करने और स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को आॅक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए नए तरीके अपनाने को कहा। मोदी शुक्रवार को चुनाव रैलियों को संबोधित करने बंगाल नहीं जाएंगे और महामारी से संबंधित स्थिति की समीक्षा के लिए यहां उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे। वह बंगाल के मतदाताओं को डिजिटल रूप से संबोधित करेंगे।

वहीं, उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि वह आॅक्सीजन की आपूर्ति तथा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं समेत अन्य मुद्दों पर ‘‘राष्ट्रीय योजना’’ चाहता है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आॅक्सीजन को एक “आवश्यक हिस्सा” कहा जाता है और ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ हद तक ‘घबराहट’ पैदा हुई जिसके कारण लोगों ने कई उच्च न्यायालयों से संपर्क किया है।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस आर भट की तीन सदस्यीय पीठ ने गंभीर स्थिति का स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि वह देश में कोविड-19 टीकाकरण के तौर-तरीके से जुड़े मुद्दे पर भी विचार करेगी।

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