लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ तीखा हमला बोला। गांधी ने उन पर 20 जुलाई को दिल्ली में हुए विरोध मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस बर्बरता के लिए माफी मांगने के बजाय उन्हें “क्षमा बांटने” का आरोप लगाया।
प्रयागराज में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के एक दिन बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि छात्र राष्ट्र की रोशनी हैं और वह “पूरी ताकत” के साथ उनके साथ खड़े हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा”-कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की जमीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं। यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।”
राहुल गांधी ने आगे कहा कि तेरह दिन हो गए। गृह मंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मोदी जी माफी मांगने की जगह क्षमा बांट रहे हैं।
गांधी ने आगे कहा कि अमित शाह जी, यह मत समझिए कि हम जवाबदेही मांगना बंद कर देंगे। राजधानी की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां और पैलेट चले और आपने एक शब्द नहीं कहा। आज नहीं तो कल, इस जुर्म का जवाब आपको देना ही पड़ेगा। छात्र देश की रोशनी हैं, और मैं उनकी पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूं।
इससे पहले शनिवार को राहुल गांधी ने प्रयागराज में कहा था कि देश के युवा एक “चक्रव्यूह” में फंस रहे हैं, जहां युवा लाखों-करोड़ों रुपये उन शैक्षणिक प्रमाणपत्रों पर खर्च कर रहे हैं जो रोजगार की कोई गारंटी नहीं देते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि आज भारत में शिक्षा प्रमाणपत्रों का कोई महत्व नहीं है क्योंकि वे आपको नौकरी नहीं दिला सकते।
प्रयागराज के केपी कॉलेज ग्राउंड में ‘छत्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल ने युवाओं को इंस्टाग्राम रील्स बनाने के “नशे” में फंसने से आगाह किया। उन्होंने कहा कि नौकरियों और अवसरों के कम होने के कारण सोशल मीडिया का इस्तेमाल उन्हें व्यस्त रखने के लिए किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, “आप रील्स बनाते हैं और ब्लिंकइट जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करते हैं क्योंकि इस देश में आपके लिए कोई नौकरी नहीं है।” उन्होंने इस चलन को “भयानक नशा” बताया और चेतावनी दी कि युवा “बंधुआ मजदूर” बन रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रभावशाली कॉरपोरेट घरानों द्वारा AI के बढ़ते उपयोग के कारण विनिर्माण, उद्यमिता, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की नौकरियों, कॉरपोरेट, आईटी और बैंकिंग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सिकुड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा से जुड़े लोगों को विभिन्न संस्थानों के प्रमुख पदों पर नियुक्त किया गया है, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आलोचनाओं के बावजूद, राहुल ने कहा कि देश के युवाओं ने एक उज्ज्वल भविष्य की राह रोशन की है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि भारत के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी क्षमता विश्व में बेजोड़ है। प्रयागराज के केपी ग्राउंड में ‘छत्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, “आप भारत की शक्ति और गौरव हैं। जब मैं यह कहता हूं, तो मैं हर भारतीय नागरिक की बात कर रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “आज मैं आपसे दर्द, डाटा और दौलत की बात करने आया हूं।” गांधी ने कहा कि जो मौजूदा सिस्टम है, इसी को नफरत से नहीं बल्कि प्यार से टाटा-टाटा, बाय-बाय करना है। पढ़ें पूरी खबर।
