पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राजधानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि इस बार बीजेपी सत्ता से बाहर जो जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को 2029 तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जल्द ही ‘गुड न्यूज’ मिलेगी।
इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना साधा। ममता बनर्जी ने कहा कि भारत के लोग उन लोगों को माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने उनका मताधिकार छीन लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने 2023 के एक कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को मिली छूट के प्रावधान पर भी सवाल उठाए।
ममता ने ज्ञानेश कुमार को बताया Vanish कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेस कुमार को ‘वैनिश कुमार’ बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “उन्होंने लोगों के अधिकार गायब कर दिए। मैं उन्हें कैसे माफ कर सकती हूं? मैं कौन होती हूं? भारत के लोग भी उन्हें माफ नहीं करेंगे।”

ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने पश्चिम बंगाल में शुरुआत से ही वोटर लिस्ट SIR का विरोध किया था। उन्होंने यह आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया पर चुनाव आयोग ने सेंट्रलाइज किया हुआ था। उन्होंने कहा, ” हम कोर्ट गए लेकिन न्याय नहीं मिला। हम 100 पीड़ितों के साथ चुनाव आयोग गए लेकिन उन्होंने हमारी बेइज्जती की।”
चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक काम के दौरान किए गए कामों के लिए सिविल या आपराधिक कार्रवाई से सुरक्षा मिली हुई है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र की जिम्मेदारी निभा रहा है और संविधान के अनुसार काम कर रहा है, तो इसका सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति मिली हुई कानूनी सुरक्षा की वजह से अपनी जिम्मेदारी का सही तरीके से पालन नहीं करता है, तो क्या होगा?
पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान काटे गए नामों पर ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस कवायद का असर उन निर्वाचन क्षेत्रों और इलाकों पर ज्यादा पड़ा, जहां इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कहा, “जहां भी हम जीते, वहां चार गुना ज्यादा वोटर कट गए।”
टीएमसी कार्यकर्ता कर रहे मुश्किलों का सामना
इस दौरान ममता बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे कोर्ट के आदेश के बिना घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। हमारी पार्टी को मीटिंग करने की इजाजत नहीं है। हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। यहां तक कि मेरे घर पर भी कोई सुरक्षा नहीं है, कुछ भी नहीं।”
यह भी पढ़ें: ममता ने मांगा PM मोदी का इस्तीफा, 2 अक्टूबर से INDIA ब्लॉक का ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’
