West Bengal News: पश्चिम बंगाल में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रकोप पर राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने एक अजीबोगरीब बयान दिया है। इसको लेकर विपक्ष ने हमला बोला है। शहरी विकास और नगरपालिका मामलों का विभाग संभालने वालीं पॉल ने कहा कि सरकार को स्थिति से निपटने के लिए अपने प्रयासों को तेज करना होगा क्योंकि मच्छरों को वश में नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने पत्रकारों से कहा, “सरकार बदलने से मच्छरों को कम काटने के लिए नहीं कहा जा सकता।” पश्चिम बंगाल में डेंगू का प्रकोप जारी है। पिछले कुछ हफ्तों में डेंगू संक्रमण के 4000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं और सात लोगों की मौत हुई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस हफ्ते की शुरुआत में अधिकारियों के साथ बैठक की थी और कहा था कि स्थिति नियंत्रण में है।
पिछले साल की तुलना में आधी डेंगू के मामलों की संख्या- सीएम
मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह भी कहा कि डेंगू के मामलों की संख्या पिछले साल की तुलना में आधी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी ने स्कूलों से आग्रह किया है कि डेंगू के मौसम में विद्यार्थियों को ऐसे कपड़े पहनने की अनुमति दी जाए जिनसे उनके हाथ-पैर पूरी तरह ढके हों। हालांकि, शहरी विकास मंत्री की टिप्पणी ने आलोचना को जन्म दिया है।
राज्यसभा के पूर्व सांसद ने शेयर किया वीडियो
राज्यसभा के पूर्व सांसद जवाहर सिरकार ने मंत्री की टिप्पणी को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में बीजेपी का सफाया सिर्फ वही कर सकती हैं। पिछली बार उन्होंने पहले से ही कब्जे वाले फुटपाथ के एक कोने में अपने बच्चे के लिए दूध उबाल रही एक बेघर गरीब महिला से पूछा था कि उसके पास घर क्यों नहीं है?”
22 अगस्त को मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में लगी आग में नौ लोगों की मौत के तीन दिन बाद पॉल को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में फुटपाथ पर एक बेघर महिला को डांटते हुए देखा गया। महिला अपने बच्चे को पिलाने के लिए एक बर्तन में दूध गर्म कर रही थी। पॉल को यह कहते हुए सुना गया, “फुटपाथ पर बच्चे के लिए दूध गर्म कर रही हो? पार्क स्ट्रीट में? तुम्हें यहां घर बसाने की इजाजत किसने दी?”
इसके बाद उन्होंने कई कोलकाता पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में महिला को सड़क से अपना सामान हटाने को कहा। इस घटना की व्यापक आलोचना हुई और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महिला से मिलकर और उसे आश्रय देकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस को एक टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। इस टीचर को दक्षिण कोलकाता के एक मिशनरी स्कूल ने सस्पेंड कर दिया था, क्योंकि उस पर एक स्टूडेंट के माथे से चंदन का तिलक हटाने का आरोप था। सीएम ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसी चीजें नहीं होंगी। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
