अखिलेश के आजमगढ़ में योगी बोले- ये विश्वविद्यालय इसे बना देगा आर्यनगढ़, गोरखपुर में सपा प्रमुख ने किया हमला

अखिलेश यादव ने गोरखपुर में योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बढ़ने और कटने वाले वोटरों के नाम की सूची चुनाव आयोग ने जारी नहीं की है। जबकि चुनाव आयोग को सूची जारी करनी चाहिए ताकि हम जान सकें कि कौन से वोट बढ़े हैं और कौन से वोट कटे हैं।

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव और यूपी के सीएम योगी।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एक प्रोग्राम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यहां जो नया विश्वविद्यालय बन रहा है वो आजमगढ़ को आर्यनगढ़ में बदल देगा। सीएम योगी ने कहा कि यह विवि वास्तविकता में आजमगढ़ को आर्यनगढ़ बना देगा। हालांकि इसके साथ ही इस बात के कयास लगने भी शुरू हो गए हैं कि आने वाले समय में आजमगढ़ का भी नाम बदला जा सकता है।

आजादी के अमृत महोत्‍सव कार्यक्रम में योगी ने कहा कि ये वही आजमगढ़ है, जहां के नौजवान को 2017 और 2014 के पहले देश के दूसरे हिस्से में होटल में कमरा नहीं मिलता था। पहचान का एक संकट खड़ा हो गया था। सीएम योगी ने आगे कहा कि, हमें जानना चाहिए कि पहचान का यह संकट खड़ा करने वाले कौन लोग थे। ये वही लोग थे जो जाति के नाम पर बांटने वाले थे। लेकिन अपने खुद के परिवार के लिए भरने वाले थे।

योगी ने कहा कि आजमगढ़ हम लोगों के कार्यक्षेत्र का हिस्सा रहा है। 2007 में यही उन पर हमला हुआ था। तब जुबली नेशनल कॉलेज में अजीत राय की इसलिए हत्या हुई, क्योंकि वह एबीवीपी का कार्यकर्ता था। उसने कहा था कि वंदे मातरम गणतंत्र दिवस पर गाया जाना चाहिए। प्रिसिंपल दफ्तर के पास ही उसकी हत्या हुई थी। महीने भर तक केस दर्ज नहीं हुआ। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने आजमगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया।

उधऱ, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने गोरखपुर में योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बढ़ने और कटने वाले वोटरों के नाम की सूची चुनाव आयोग ने जारी नहीं की है। जबकि चुनाव आयोग को सूची जारी करनी चाहिए ताकि हम जान सकें कि कौन से वोट बढ़े हैं और कौन से वोट कटे हैं। उनका कहना है कि बीजेपी के इशारे पर आयोग काम कर रहा है। इसी वजह से मतदाता सूचियों में हेरफेर हो सकता है।

अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब मतदाता सूची के प्रकाशन के समय नए जुड़े मतदाता व काटे गए मतदाता के नामों की सूची न तो जारी की गई न ही राजनीतिक दलों को दी गई। ऐसे में यह साफ नहीं हो पा रहा है कि मतदाता सूची में कितने लोगों के नाम जोड़े गए और कितने लोगों के नाम काटे गए। उन्होंने ऐलान किया कि चुनाव आयोग अगर मतदाता सूची नहीं देगा तो समाजवादी पार्टी आयोग के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेगी।

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