नोएडा में सैकड़ों कामगारों द्वारा बेहतर वेतन और कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि किसी समूह या फैक्ट्री के आंतरिक मामलों में किसी भी बाहरी तत्व को दखल देने की अनुमति नहीं है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस तरह के हस्तक्षेप से शांति और प्रगति में बाधा आ सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स के प्लांट से 10 लाखवीं गाड़ी को हरी झंडी दिखाने एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। सूबे के सीएम की यह टिप्पणी नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर बड़े पैमाने पर हुई हिंसा और आगजनी के दो दिन बाद आई है।
नोएडा में श्रमिकों के विरोध-प्रदर्शन में हिंसा
नोएडा में बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों समेत फैक्ट्री मज़दूरों ने वेतन में वृद्धि तथा अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए काम बंद कर दिया था। कुछ जगहों पर यह विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था जिसके चलते आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं। यूपी के सीएम ने इससे पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के पीछे साजिश की आशंका भी जताई थी जिसकी फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में टाटा मोटर्स के 34 साल के सफर एक गौरवपूर्ण यात्रा बताया। उन्होंने कंपनी के शीर्ष अधिकारियों और कर्मचारियों तथा दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा, ”हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी परिस्थिति में हमारी फैक्ट्रियों या समूहों के आंतरिक कामकाज में किसी भी बाहरी तत्व को दखल देने की इजाजत न मिले। बिगाड़ने वाले बहुत आएंगे, बनाने वाले कम मिलेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर राज्य और समाज आगे बढ़ना चाहते हैं, तो लोगों में कृतज्ञता का भाव होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ”हमें उन संस्थानों और संगठनों का आभारी रहना चाहिए जो रोज़गार के अवसर, बच्चों की शिक्षा और युवाओं के विकास के मौके मुहैया कराते हैं और ऐसा करके वे लोगों की जिंदगी संवारने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।”
टाटा समूह पर योगी
टाटा समूह के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस कम्पनी ने हजारों परिवारों को रोजी-रोटी कमाने में मदद की है और उनके बच्चों की शिक्षा और प्रगति में सहयोग दिया है। आदित्यनाथ ने कहा, ”ऐसे संस्थानों की वजह से ही युवा अपना करियर बना पाते हैं, समाज में सम्मान पाते हैं और अपनी पहचान बनाए रख पाते हैं।”
योगी ने कहा कि कृतज्ञता का यह भाव इसलिये जरूरी है क्योंकि यह व्यक्तियों और समाज, दोनों को मज़बूत बनाता है और लंबे समय तक चलने वाले विकास और भरोसे को बनाए रखने में मदद करता है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स संयंत्र में 10 लाखवीं गाड़ी बनाने की उपलब्धि हासिल करने में योगदान के लिए टाटा के कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र में बनी बसें आम लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने का काम जारी रखेंगी। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक गिरीश वाघ समेत कई लोग शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 लाखवें कमर्शियल वाहन को हरी झंडी दिखाना सिर्फ एक मील का पत्थर नहीं बल्कि यह भारत के उदय और एक वैश्विक विनिर्माण हब के तौर पर उत्तर प्रदेश की तैयारी को भी दिखाता है। राज्य के जनसांख्यिकीय लाभ पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की कुल श्रमशक्ति में 56 प्रतिशत से ज़्यादा युवा शामिल हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के मुताबिक़ उन्हें कार्यकुशलता, इनोवेशन और प्रौद्योगिकी से जोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं।
पहले भी योगी ने जताई थी चिंता
इससे पहले सोमवार को मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हिंसक विरोध प्रदर्शनों के पीछे ‘साजिश’ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास उस समय “शांति और प्रगति को बाधित करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं जब राज्य विकास और स्थिरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।’
रविवार को भी योगी आदित्यनाथ ने ‘बड़ी साजिश’ की आशंका जताते हुए नक्सलवाद को फिर से सक्रिय करने की कोशिशों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को ‘विघटनकारी तत्वों’ के खिलाफ सतर्क रहने के निर्देश दिए।
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हरियाणा में इस महीने की शुरुआत में मजदूरों ने वेतन बढ़ाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। बड़े स्तर पर हुए इस विरोध-प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार को न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा। इसके बावजूद, श्रमिक संगठन अब और ज्यादा वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन उस राशि से काफी कम है जिस पर पिछले साल श्रमिक संगठनों और उद्योग के प्रतिनिधियों वाले एक पैनल ने सहमति जताई थी। इसके अलावा यह वेतन भारत में कामकाजी वयस्कों की पोषण की पर्याप्त जरूरतों को भी पूरा नहीं करता। पढ़ें पूरी खबर…
समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ
