...तो भारत के सामने नाक रगड़ेगा चीन-बाबा रामदेव ने ड्रैगन को सबक सिखाने का बताया प्लान - Yog guru Baba Ramdev warns China on Doklam issue and China India stand off, says step back or will boycott Chinese products - Jansatta
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…तो भारत के सामने नाक रगड़ेगा चीन-बाबा रामदेव ने ड्रैगन को सबक सिखाने का बताया प्लान

2016 में चीन ने भारत को 58.33 बिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि भारत से चीन को किया जाने वाला निर्यात महज 11.76 बिलियन डॉलर था।

कुश्ती के खेल में प्रतिद्वन्दी को चित करते बाबा रामदेव (फोटो-ट्वीटर)

डोकलाम मुद्दे पर भारत-चीन के बीच जारी विवाद के बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने चीन को कड़ी चेतावनी दी है। बाबा रामदेव ने कहा है कि इस बार चीन को पीछे हटना ही होगा, नहीं तो भारत के लोग ऐसा कदम उठाएंगे कि चीन को नाक रगड़ने पर मज़बूर होना पड़ेगा। बाबा रामदेव ने कहा, ‘ इस बार चीन को पीछे हटना ही होगा, यदि हमलोग चीनी प्रोड्क्ट का बहिष्कार कर देते हैं तो चीन को भारत के सामने घुटने टेकने पड़ेंगे और इंडिया के सामने नाक रगड़ना पड़ेगा।’ बता दें कि चीन का भारत के साथ विशाल व्यापारिक लेन देन है। भारत चीन के सबसे बड़े व्यावसायिक साझेदारों में से एक है। 2016 में चीन ने भारत को 58.33 बिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि भारत से चीन को किया जाने वाला निर्यात महज 11.76 बिलियन डॉलर था। इस लिहाज से अगर भारत और चीन एक दूसरे से आयात निर्यात बंद कर दें तो चीन की अपेक्षा भारत को लगभग पांच गुना नुकसान होगा। और ये नुकसान चीन की आर्थिक कमर तोड़ सकती है। बता दें कि बाबा रामदेव ने भी भारत समेत दुनिया के कई देशों में अपने बिजनेस का साम्राज्य खड़ा करने के बाद चीन में भी पांव फैलाना चाहते हैं। लेकिन भारत चीन तनाव की वजह से भी इस पर असर पड़ता दिख रहा है।

भारत और चीन पिछले एक महीने से डोकलाम के मुद्दे पर आमने-सामने हैं। इस मुद्दे की वजह से दोनों देशो के बीच युद्ध जैसी स्थिति आ चुकी है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल इस पर चीन से बात करने के लिए बीजिंग जा रहे हैं। बता दें कि भूटान स्थित डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं लगभग एक महीने से एक दूसरे के आमने-सामने खड़ी हैं। चीन डोकलाम में सड़क बनाना चाहता है, लेकिन भारत ने चीन के इस कदम का विरोध किया है और चीन के इस कदम को भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। चीन भारत पर दवाब डालने के लिए राष्ट्रीय और अतंर्राष्ट्रीय मंचों पर लगातार बयानबाजी कर रहा है और भारत को 1962 जैसे जंग की चेतावनी दे रहा है। लेकिन भारत की सेना पूरे साजो-सज्जा के साथ डोकलाम में डटी हुई है।

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