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रामदेव ने किया दावा, एक हफ्ते में ब्लैक फंगस का भी दे दूंगा इलाज, काम फाइनल स्टेज में

योग गुरू रामदेव ने कहा है कि विवादों के बीच भी उन्होंने अपने काम से मुंह नहीं मोड़ा है। तमाम विवादों के बीच भी वो लोगों की 18 घंटे सेवा कर रहे हैं।

योग गुरू बाबा रामदेव ने कहा है कि एक सप्ताह के अंदर ही वे आयुर्वेद पद्धति से सभी तरीके के फंगस का इलाज लाने वाले हैं।(एक्सप्रेस फोटो: प्रेम नाथ पांडेय)

एलोपैथी डॉक्टरों को लेकर दिए गए विवादित बयानों में फंसने के बाद योग गुरू बाबा रामदेव ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। बाबा रामदेव ने कहा है कि सिर्फ एक हफ्ते के अंदर वे आयुर्वेद पद्धति से ब्लैक फंगस, येलो फंगस, व्हाइट फंगस का इलाज देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि ये काम पूरा हो चुका है और फाइनल स्टेज में है।

योग गुरू रामदेव ने कहा है कि विवादों के बीच भी उन्होंने अपने काम से मुंह नहीं मोड़ा है। साथ ही उन्होंने कहा कि तमाम विवादों के बीच भी वो लोगों की 18 घंटे सेवा कर रहे हैं और एक सप्ताह के अंदर ही वे आयुर्वेद पद्धति से सभी तरीके के फंगस का इलाज लाने वाले हैं और इसके लिए काम पूरा हो चुका है। वे तो अभी भी फंगस की दवाई बना रहे हैं। इसके अलावा बाबा रामदेव ने कहा कि उनके कामों से बहुत से लोगों को इर्ष्या और आपत्ति होती है।

इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि जो वे नहीं बोल रहे उसके लिए भी उनपर आरोप लगाया जा रहा है. लोग कह रहे हैं कि बाबा रामदेव टीकाकरण का विरोध कर रहे हैं लेकिन मैं तो कह रहा हूं कि सबका डबल वैक्सीनेशन करो और आयुर्वेद की डबल डोज भी दो। इससे सुरक्षा चक्र ऐसा अभेद्य हो जाएगा कि कोरोना जैसी बीमारी कुछ भी नहीं कर पाएगी। डायबिटीज, फेफड़ों में संक्रमण और अनेकों बीमारी वाले लोगों के ऊपर कोरोना संक्रमण होने का खतरा ज्यादा है और लोग इससे मर भी रहे हैं। लेकिन इसका इलाज आयुर्वेद के सहारे किया जा सकता है।

बता दें कि पिछले दिनों बाबा रामदेव ने विवादित बयान देते हुए एलोपैथी को स्टुपिड और दिवालिया साइंस बता दिया था। बाबा रामदेव के इन बयानों पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई थी। बाद में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के कहने पर बाबा रामदेव ने अपने बयान को वापस ले लिया था। हालांकि बाद में बाबा रामदेव ने कोरोनाकाल में डॉक्टरों की मौत से जुड़ा एक और विवादास्पद बयान दिया था।

बाबा रामदेव के इस बयान पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की उत्तराखंड शाखा ने कड़ी आपत्ति जताई थी और मानहानि का नोटिस भी भेजा था। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा था कि बाबा रामदेव अपने बयानों को वापस लें नहीं तो 1000 करोड़ का भुगतान करें। क्योंकि उनके बयानों के हजारों डॉक्टरों की छवि को नुकसान पहुंचा है।

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