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Yes Bank से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED के सामने Essel Group के सुभाष चंद्रा पेश, हुई पूछताछ

सूत्रों के हवाले से कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि उनसे इस मामले में पूछताछ हो सकती है।

मुंबई स्थित ED दफ्तर पहुंचने के दौरान Essel Group के सुभाष चंद्रा।

Yes Bank Scam में मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर शनिवार को Essel Group के चेयरमैन सुभाष चंद्रा Enforcement Directorate (ED) के सामने पेश हुए। सूत्रों के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि चंद्रा सुबह 11 बजे मुंबई स्थित बालर्ड पियर में ईडी दफ्तर पहुंचे थे, जहां उनसे मामले को लेकर शाम तक पूछताछ हुई।

चंद्रा के अलावा Jet Airways संस्थापक नरेश गोयल से भी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में पूछताछ की। समाचार एजेंसी PTI-Bhasha के मुताबिक, यह मामला मुंबई की एक टूर और ट्रैवल कंपनी के साथ कथित तौर पर फर्जी वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है।

हालांकि, चंद्रा को इससे पहले भी समन जारी किया गया था, मगर उन्होंने किन्हीं कारणों से 18 मार्च को उपस्थित होने को लेकर छूट मांगी थी। ऐसे में एजेंसी ने बाद में उन्हें ताजा समन जारी कर शनिवार (21 मार्च, 2020) को अपने दफ्तर में हाजिर होने के लिए कहा था।

वैसे, इस हफ्ते की शुरुआत में एजेंसी ने चंद्रा समेत 18 नामी कॉरपोरेट घरानों को नोटिस भेजे थे, जिसमें प्रमोटर और अनिल अंबानी, नरेश गोयल, गौतम थापर, समीर गहलोत और पीटर केरकर के अलावा DHFL के वाधवां बंधु (कपिल और धीरज) भी शामिल थे।

ईडी फिलहाल जांच में जुटी है कि आखिर किन हालात में कॉरपोरेट्स को ये लोन दिए गए। चंद्रा के Essel Group से जुड़ी कंपनियां भी उनमें से हैं, जिनमें Yes Bank के साथ बैड लोन्स हैं।

20 मार्च को उन्होंने ट्वीट किया था, “ईडी ने मुझसे गुजारिश की है कि मैं उक्त जानकारी पर बयान दूं, जो कि उनके पास पहले से ही है। मुझे उनके दफ्तर में मौजूद रहकर और भी खुशी होगी, जिससे मैं जांच में हर संभव सहयोग कर सकूं।” चंद्रा के अनुसार, एस्सेल समूह ने कभी भी राणा कूपर, उनके परिवार या फिर उनकी कोई निजी संस्थाएं के साथ कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया है।

बता दें कि Yes Bank संकट के बाद उसे बचाने के लिए SBI समेत कई निवेशक आगे आए हैं, जबकि यस बैंक केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरेस्ट बैंक के संस्थापक राणा कपूर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। हालांकि, उनके वकील ने शुक्रवार को कोर्ट से कहा कि वह जेल में आसानी ने कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।

इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छह मार्च को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अंबानी समूह, एस्सेल, आईएलएफएस, डीएचएफएल और वोडाफोन उन तनावग्रस्त कॉरपोरेट में हैं, जिन्हें यस बैंक ने कर्ज दिया था।

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