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यमन से और 351 भारतीय सुरक्षित निकाल लिए गए

युद्धग्रस्त यमन के सना में भारतीय विमानों को उतरने की अनुमति मिल जाने पर दो उड़ानों के जरिए शुक्रवार को वहां फंसे देश के 351 नागरिकों को निकाला गया। इसके साथ ही वहां से अब तक 1000 भारतीयों को निकाला जा चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि काफी प्रयासों के बाद भारत […]

Author April 4, 2015 9:13 AM
अब तक कुल 4,640 भारतीयों को युद्ध प्रभावित यमन से वापस लाया जा चुका है। (फाइल फ़ोटो-पीटीआई)

युद्धग्रस्त यमन के सना में भारतीय विमानों को उतरने की अनुमति मिल जाने पर दो उड़ानों के जरिए शुक्रवार को वहां फंसे देश के 351 नागरिकों को निकाला गया। इसके साथ ही वहां से अब तक 1000 भारतीयों को निकाला जा चुका है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि काफी प्रयासों के बाद भारत को सना में विमान उतारने की अनुमति मिली। उसके बाद एयर इंडिया ने दो उड़ानें भरीं और 351 लोगों को लेकर यमन के पड़ोसी देश जिबूती लाया। देर रात इनमें से 179 भारतीयों को लेकर एक विमान मुंबई पहुंचा।

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को सना के लिए चार उड़ानें भरी जानी थीं, लेकिन समय की कमी के कारण दो उड़ानें ही जा सकीं। सना में 2500 भारतीय वहां से निकाले जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बीच नौसेना का आइएनएस सुमित्रा हल हुदैदा से 306 भारतीयों को लेकर जिबूती पंहुच गया है। जिबूती से भारतीयों को वायु सेना के विशेष विमानों से भारत लाया जा रहा है। भारतीय लोगों को युद्धग्रस्त देश से निकालने के अभियानों की देखरेख के लिए विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह जिबूती में मौजूद हैं।

इससे पहले एयर इंडिया ने भारतीयों को सना से निकालकर जिबूती तक लाने के लिए 30 मार्च को 180 सीटों वाले एयरबस ए-320 विमान भेजे थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा अनुमति न दिए जाने के कारण ये विमान यमन के इस शहर तक जा नहीं पाए थे।

अब तक अधिकतर भारतीयों को नौसेना के पोत आइएनएस सुमित्रा द्वारा यमन से लाया गया है। इसने मंगलवार रात को अदन से 350 भारतीयों को निकाला और कल अल हुदैदाह से 300 से ज्यादा भारतीय लाए गए। यह भारत सरकार द्वारा किया जा रहा चौथा बड़ा निकासी अभियान है। इससे पहले भारत सरकार यूक्रेन, इराक और लीबिया में ऐसे निकासी अभियान चला चुकी है। यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और शिया व्रिदोहियों के बीच भीषण युद्ध चल रहा है। शिया व्रिदोही यमन के प्रमुख दक्षिणी शहर अदन तक पहुंच चुके हैं और राष्ट्रपति अबे्रदाब्बो मंसूर हादी देश छोड़ चुके हैं।

इस बीच संकटग्रस्त यमन से सुरक्षित बाहर निकाले गए भारतीय लोगों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अपनी ओर से योगदान दिए जाने के बीच रेलवे ने 75 ऐसे लोगों को निशुल्क टिकट मुहैया कराया है ताकि वे मुंबई से अपने गंतव्य तक की यात्रा कर सकें।

रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों ने गुरुवार तड़के मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 75 लोगों की अगवानी की और उन्हें बस से लोकमान्य तिलक और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशनों पर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि लोगों को उच्च श्रेणी के प्रतीक्षालयों में नाश्ता आदि कराए जाने के बाद उन्हें उनके गंतव्यों तक के टिकट दिए गए। उन यात्रियों को गोरखपुर, हावड़ा, मुजफ्फरपुर, छपरा, तिरुवनंतपुरम, कन्याकुमारी, मदुरै, चेन्नई और हैदराबाद जाना था। यमन से लौटे लोगों को हरसंभव मदद मुहैया कराने के संबंध में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मुंबई में महाप्रबंधक को निर्देश दिया था। प्रभु ने बाद में ट्वीट कर मध्य रेलवे द्वारा मुहैया करायी मदद के लिए उसकी सराहना की।

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