ताज़ा खबर
 

नरेंद्र मोदी ने यमन से भारतीयों को निकालने के लिए मांगी सउदी से मदद

आतंकवाद प्रभावित यमन में फंसे 4,000 भारतीयों की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात सउदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउद से मदद मांगी। टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें लोगों को यमन से निकालने की भारत की योजना के बारे में बताया। पीएम मोदी ने […]

Author March 31, 2015 8:59 AM
यमन से भारतीयों को निकालने के लिए PM ने सउदी से मांगी मदद। (फोटो: भाषा)

आतंकवाद प्रभावित यमन में फंसे 4,000 भारतीयों की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात सउदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउद से मदद मांगी। टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें लोगों को यमन से निकालने की भारत की योजना के बारे में बताया।

पीएम मोदी ने लोगों को निकालने में सउदी अरब का समर्थन और सहयोग मांगा. दोनों देशों के बीच मजबूत और घनिष्ठ संबंधों को याद करते हुए सउदी के शाह ने मोदी को आश्वासन दिया कि वह यमन में भारतीय की सुरक्षा पर पूरा ध्यान देंगे और उन्हें जल्दी व सुरक्षित निकालने में हर संभव सहयोग करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने यमन में फंसे करीब 4,000 भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर अपनी गंभीर चिंता से उन्हें अवगत कराया. बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने महामहिम शाह सलमान से लोगों को निकालने की भारत की योजना साझा की और यमन से भारतीय नागरिकों को निकालने में महामहिम से समर्थन और सहयोग की मांग की.

दूसरी ओर, यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए विमान भेजने के लिए सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया तैयार है. कंपनी का कहना है कि विदेशी प्राधिकार से अभी तक मंजूरी नहीं मिलने के कारण विमान सोमवार को आतंकवाद प्रभावित देश में नहीं जा सके. एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘यमन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए विमान सोमवार को उड़ान नहीं भर सके, क्योंकि हमें अभी भी संबंधित प्राधिकार से मंजूरी मिलने का इंतजार है.’

ईरान समर्थित विद्रोहियों को निशाना बना रहे अरब गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने रविवार को यमन की राजधानी सना में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर बम गिरा दिए। अभियान शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘भारतीय नागरिकों को यमन से निकालने के लिए हमने मकस्ट में दो विमान खड़े किए हुए हैं। जितनी जल्दी मंजूरी मिलती है हम उड़ान भरेंगे।’ विमानन कंपनी ने सोमवार दिन में कहा था कि सुबह पौने आठ बजे दिल्ली से मस्कट के रास्ते सना के लिए उड़ान भरने वाला 180 सीटों वाला विमान एयरबस A320 के शाम तक वापस लौट आने की संभावना है।

सरकार ने खाड़ी देश से अपने लोगों को निकालने का फैसला रविवार को लिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को कहा था कि भारत को सना ने एक दिन में तीन घंटे उड़ान भरने की अनुमति मिल गई है।

सुषमा ने ट्वीट किया था कि देश 1,500 यात्रियों की वहन क्षमता वाला जहाज भेजने की प्रक्रिया में है. मंत्रालय ने यमन की स्थितियों पर निगरानी के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है।

इस बीच भारत सरकार ने यमन में फंसे लगभग 4000 भारतीयों में से कम से कम 400 को सोमवार रात अदन से समुद्र के रास्ते सुरक्षित निकालने का फैसला किया है। इसके साथ ही भारतीयों को यमन से सुरक्षित निकालने के काम की देखरेख के लिए विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह मंगलवार को जिबूती रवाना हो रहे हैं। जिबूती यमन के समीप अफ्रीका का एक देश है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा अंतर मंत्रालय बैठक में यमन में फंसे 400 भारतीयों को अदन से समुद्र के रास्ते निकालने के बारे में निर्णय किया गया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने सरकार के निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वीके सिंह भारतीयों को यमन से निकालने के कार्यों की देखरेख के लिए जिबूती रवाना हो रहे हैं। इस बीच शनिवार को यमन से जिबूती पंहुचे 80 भारतीय अपने अपने राज्यों में पंहुच चुके हैं।

अकबरूद्दीन ने बताया कि जब भी संभव होगा भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए सना से भारत के विमानों की उड़ानों को शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद सभी भारतीय अभी तक सुरक्षित हैं।

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App