यशवंत सिन्हा ने लेख लिखकर साधा पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना, गुजरात चुनाव को लेकर भी मारा ताना - yashwant sinha again attacks PM narendra modi's economic policies, says stop go ga-ga over GDP - Jansatta
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यशवंत सिन्हा ने लेख लिखकर साधा पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना, गुजरात चुनाव को लेकर भी मारा ताना

वरिष्ठ बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा पहले भी प्रधानमंत्री की आर्थिक नीतियों और वित्त मंत्री अरुण जेटली की आलोचना कर चुके हैं।

Author नई दिल्ली | December 2, 2017 12:03 PM
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा। (File Photo)

बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने लेख लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। एनडीटीवी डॉट कॉम के लिए लिखे लेख में  उन्होंने कहा, गुरुवार के दिन आर्थिक मोर्चे की कई खबरें आईं। सुबह पीएम ने एक कार्यक्रम में कहा कि वह अपने क्रांतिकारी फैसलों की कीमत चुकाने को तैयार हैं। लेकिन शाम को एक खबर आई कि वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में जीडीपी 5.7 प्रतिशत से बढ़कर 6.3 प्रतिशत पहुंच गई है। इसके बाद मोदी सरकार को चौतरफा बधाइयां मिलने लगीं। यशवंत ने सवाल उठाया कि अगर आर्थिक मोर्च पर सभी कुछ अच्छा है तो पीएम को राजनीतिक कीमत क्यों चुकानी पड़ेगी? क्या यह गुजरात विधानसभा चुनावों में खुद के लिए निजी सहानुभूति पाने की कोशिश तो नहीं है? उन्होंने लिखा कि राजकोषीय घाटे में गिरावट भी चिंता का विषय है। इसके अलावा प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का खराब स्थिति में होना भी अर्थव्यवस्था के लिए सही नहीं है। सिन्हा ने लिखा कि अगर बात 6.3 प्रतिशत की विकास दर की करें तो सबसे ज्यादा 7 प्रतिशत बढ़ोतरी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हुई। जबकि पिछले साल यह 7.7 प्रतिशत थी।

इसमें कोई संदेह नहीं कि पिछली तिमाही से बढ़कर यह 1.2% हो गया है, लेकिन इंडियन एक्सप्रेस में छपे एक आर्टिकल में हरीश दामोदरन और संदीप सिंह ने संकेत दिया कि केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा संकलित IIP डेटा के मुताबिक इस अवधि में यह सिर्फ 2.2 प्रतिशत है। यह उस तरीके के बारे में गंभीर सवाल उठाता है, जिसमें हम जीडीपी की गणना कर रहे हैं। सिन्हा ने लिखा, यह अब उत्पादन के आंकड़ों में परिवर्तन पर आधारित न होकर वैल्यू एडेड आंकड़ों में बदलाव पर आधारित है, भले ही उत्पादन स्थिर रहे या गिर जाए।

सिन्हा ने यह भी लिखा कि कृषि, वन और मत्स्य पालन में लगातार ठहराव है और इसमें पिछली तिमाही के 2.3% की तुलना में केवल 1.7% की वृद्धि दर्ज की गई है। सिन्हा ने कहा कि सितंबर में भी मैंने अर्थव्यवस्था को लेकर समस्याएं उठाई थीं, जिसकी कई लोगों ने यह कहकर आलोचना की थी कि यह केवल एक तिमाही पर आधारित है, जबकि यह पांच तिमाहियों के आंकड़ों पर आधारित थी। उन्होंने लिखा कि भारत को 8-10 प्रतिशत की विकास दर की जरूरत है।

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