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मेमन को फांसी पर राज्यपाल का विचार और सरकार की तैयारी

याकूब मेमन को फांसी देने पर जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल अधिकारियों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं वहीं नागपुर केंद्रीय जेल का प्रशासन फांसी की तैयारियों में जुटा है..

Author July 26, 2015 11:28 am
शीर्ष अदालत ने 2 जून 2014 को मेमन की मौत की सजा के अनुपालन पर रोक लगा दी थी। (एक्सप्रेस आर्काइव)

याकूब मेमन को फांसी देने पर जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल अधिकारियों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं वहीं नागपुर केंद्रीय जेल का प्रशासन फांसी की तैयारियों में जुटा है। राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले के दोषी मेमन की ओर से दाखिल क्षमा याचिका पर शनिवार को गृह व विधि विभागों के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। वहीं मेमन की फांसी की तैयारियों को लेकर महाराष्ट्र की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कारागार) मीरा बोरवणकर ने शनिवार सुबह नागपुर केंद्रीय जेल का दौरा किया।

भाजपा की अगुआई वाली फडणवीस सरकार ने मेमन की याचिका पर शुक्रवार शाम राज्यपाल को अपनी राय भेजी थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से मेमन की सुधारात्मक याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद मेमन ने यह क्षमा याचिका दायर की । सुधारात्मक याचिका में मेमन ने फांसी की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी।

राज्यपाल ने शनिवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) केपी बख्शी, विधि व न्यायपालिका अधिकारियों और महाधिवक्ता अनिल सिंह के साथ विचार-विमर्श किया। बैठक के नतीजों के बारे में पूछे जाने पर आधिकारिक सूत्रों ने कहा, ‘कोई फैसला नहीं किया गया है। राज्यपाल मामले पर विचार कर रहे हैं’।

बहरहाल, सरकार ने पहले संकेत दिए थे कि वह फांसी देने के लिए तय कार्यक्रम पर अटल रहेगी और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करेगी। इस हफ्ते के शुरू में उच्चपदस्थ सूत्रों ने कहा था, ‘मेमन को 30 जुलाई को फांसी देने की योजना में बदलाव का कोई सवाल नहीं है। फांसी की तारीख के बारे में विशेष अदालत ने राज्य सरकार को बता दिया है। चूंकि किसी अदालत ने न्यायिक आदेश पर रोक नहीं लगाई है, तो ऐसे में तारीख में बदलाव का कोई सवाल ही नहीं है। अदालत के आदेश के मुताबिक ही मेमन को फांसी दी जाएगी’। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मेमन की अर्जी पर सुनवाई करेगा जिसमें उसने मौत की सजा दिए जाने पर रोक लगाने की मांग की है।

वहीं महाराष्ट्र की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कारागार) मीरा बोरवणकर ने शनिवार सुबह नागपुर केंद्रीय जेल का दौरा किया और मेमन को 30 जुलाई को दी जाने वाली संभावित फांसी को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। बोरवणकर शुक्रवार रात यहां पहुंचीं और उन्हें उप-महानिरीक्षक (कारागार) राजेंद्र धामने और नागपुर जेल के अधीक्षक योगेश देसाई ने स्थिति की जानकारी दी ।

देसाई जब पुणे के येरवडा जेल में तैनात थे, उस वक्त 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के कसूरवार अजमल कसाब को फांसी दी गई थी और उस वक्त उन्होंने ही तैयारियों की निगरानी की थी। बोरवणकर ने यह कहते हुए मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया कि अधिकारियों को इस विषय पर कुछ भी बोलने से मना किया गया है।

बहरहाल, एक पुलिस सूत्र ने बताया कि बोरवणकर नागपुर में दो-तीन दिन रह सकती हैं ताकि सारी व्यवस्था कर सकें। मेमन की संभावित फांसी के मद्देनजर शुक्रवार को महाराष्ट्र के गृह विभाग ने एक सरकारी प्रस्ताव जारी कर नागपुर जेल के ‘हैंगिंग यार्ड’ सेल में एक ओवरहेड ग्रिल-सीलिंग लगाने के लिए 22 लाख रुपए की मंजूरी दी थी।

30 जुलाई पर कोई बदलाव नहीं!
सरकार ने पहले संकेत दिए थे कि वह फांसी देने के लिए तय कार्यक्रम पर अटल रहेगी। मेमन को 30 जुलाई को फांसी देने की योजना में बदलाव का कोई सवाल नहीं है। फांसी की तारीख के बारे में विशेष अदालत ने राज्य सरकार को बता दिया है। चूंकि किसी अदालत ने न्यायिक आदेश पर रोक नहीं लगाई है, तो ऐसे में तारीख में बदलाव का कोई सवाल ही नहीं है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मेमन की अर्जी पर सुनवाई करेगा जिसमें उसने मौत की सजा दिए जाने पर रोक लगाने की मांग की है।

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